देवबंद (सहारनपुर)। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज का प्रकाशोत्सव शुक्रवार को हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर सिख साहिबानों ने गुरुजी के जीवन पर प्रकाश डाला।
गुरुद्वारा श्री गुरुनानक सभा में कार्यक्रम में हेड ग्रंथी ज्ञानी गुरप्रीत सिंह ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह का जन्म सन 1666 को पटना में नौवें गुरु तेग बहादुर व माता गुजरी जी के घर हुआ। गुरुजी जब 9 वर्ष के थे तब उनके पिता ने कश्मीरी पंडितों द्वारा निवेदन करने पर हिंदू धर्म की रक्षा के लिए दिल्ली के चांदनी चौक पर अपनी शहीदी दी। सरहिंद के नवाब द्वारा भेजे गए दो पठानों ने सोते समय गुरुजी पर हमला कर दिया। दिल पर घाव लगने के कारण मात्र 42 वर्ष की आयु में नादेड़ (महाराष्ट्र) में वह ज्योति ज्योत में समा गए। 5 इससे पूर्व गुरुद्वारा साहिब में पिछले तीन दिनों से चले आ रहे श्री अखंड पाठ साहिब के समापन उपरांत भाई सिंह (देहरादून) व हजूरी रागी गुरप्रीत सिंह ने गुरवाणी का गायन कर संगतों को निहाल किया। निशान साहिब के चोले की सेवा व अरदास के उपरांत गुरु का अटूट लंगर बरताया गया। संचालन गुरजोत सिंह सेठी ने किया। कार्यक्रम में डा. महेन्द्र सिंह सोढ़ी, इंद्रपाल सिंह सेठी, गुरदीप सोढ़ी, शोभा सिंह मनचंदा, राजपाल सिंह, सन्नी सेठी, बलदीप सिंह, सिमरनजीत सिंह, बलजिंदर सिंह, लवली, राजेश छाबड़ा, श्याम लाल भारती, अरविंदर कपूर, बालेन्द्र सिंह, चंद्रदीप सिंह, गुरविंदर छाबड़ा, सुरेन्द्रपाल सोढ़ी आदि रहे।