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महिलाओं के लिए अलग से बस चलाने पर किए हाथ खड़े

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सहारनपुर। सहारनपुर मंडल के परिवहन निगम के अधिकारियों ने महिलाओं के लिए अलग से बस चलाने पर हाथ खड़े कर दिए है। तर्क दिया है कि सहारनपुर मंडल में ऐसा माहौल नहीं है, जहां महिलाएं अकेली सफर करती हों। दूसरा ज्यादा कामकाजी महिला यात्री नहीं है। महिलाएं अपने पारिवारिक सदस्यों के साथ ही सफर करना सुरक्षित समझती है। दूसरा सामान्य बसों के लिए भी परिचालक नहीं हैं और न ही डिपो में इतना स्थान है कि और बसों को समाहित किया जा सके।
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शासन ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के सहारनपुर मंडल के अधिकारियों से महिला बसों एवं सामान्य बसों की डिमांड के लिए प्रस्ताव मांगा था। निगम मुख्यालय का प्लान सहारनपुर मंडल में महिला के लिए अलग से बस चलाने का था। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली तीनों जिलों के छह डिपो के लिए दो दर्जन बसों की डिमांड के लिए कहा गया था। साथ ही सामान्य बसों के लिए अलग से प्रस्ताव मांगा था। सहारनपुर मंडल के निगम अधिकारियों ने महिला बसों के लिए साफ इंकार कर दिया। कहा गया कि सहारनपुर मंडल के तीनों जिलों सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली में अभी ऐसा माहौल नहीं है, जहां महिलाएं अकेली सफर करतीं हों। महिला यात्री अपने भाई, पिता, पति अथवा बच्चों के साथ ही चलतीं हैं। अकेली महिला यात्रियों की संख्या नहीं के बराबर है। इसलिए इस क्षेत्र में महिला बसों के संचालन का कोई औचित्य नहीं है। अधिकारियों ने महिला बसों के संचालन से इंकार कर दिया है।
महिला बसों के लिए यात्री नहीं हैं
मंडल में महिला बसों के संचालन के लिए माहौल नहीं है। अकेली महिला यात्रियों की संख्या काफी कम है। महिला अपने साथ किसी न किसी पुरुष को साथ लेकर चलती है। उन्होंने कहा कि सामान्य बसों के लिए ही स्थान और परिचालकों की कमी हो रही है।
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मनोज कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम
सामान्य बसों के लिए भी नहीं है परिचालक और स्थान
सहारनपुर मंडल को सामान्य बसों को लेने में भी हिचकिचाहट हो रही हैं। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जनपदों के छह डिपो के बसों के बेड़े में और बसें शामिल करने में परिवहन निगम सहारनपुर मंडल पीछे हट रहा है। हवाला दिया जा रहा है कि पहले से डिपों में खड़ी बसों का परिचालकों की कमी से संचालन नहीं हो पा रहा है। खतौली को छोड़कर किसी भी डिपो में बसों का खड़ी करने के लिए जगह ही नहीं है। बसों के संचालन में मंडल के डिपो अधिकारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अधिकारियों ने शासन से मांगी डिमांड पर और बसें लेने से ही इंकार कर दिया है।
निगम के अधिकारियों के अनुसार सहारनपुर मंडल के छह डिपो में लगभग 370 परिचालकों का टोटा चल रहा है। जिससे पहले ही काफी बसें डिपो में खड़ी हैं और निगम को नुकसान उठाना पड़ रहा है। मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर में नए बस स्टैंड बनाए जाने हैं, जिनके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। जिस कारण बसों के बेड़े को बढ़ाया नहीं जा रहा है।
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