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स्मार्ट सिटी को बजट की दरकार, पैसा न मिलने से लटकी योजना

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सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी योजना में सहारनपुर का चयन हुए पूरे चार महीने बीत चुके हैं, मगर हकीकत यह है कि योजना के तहत शहर में अभी तक एक नई ईंट तक नहीं लगी है। इसकी प्रमुख वजह शासन से पैसा रिलीज न होना माना जा रहा है। नगर निगम के अफसर पिछले पांच महीने से बजट के इंतजार में हैं। अफसरों की मानें तो योजना के लिए शासन से न तो बजट मिल पा रहा है और न ही कोई दिशा निर्देश।
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स्मार्ट सिटी योजना में सहारनपुर का चयन 19 जनवरी 2018 को हुआ था। चयन के एक सप्ताह बाद ही तत्कालीन कमिश्नर ने शासन के आदेश पर नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने जल्द ही शासन से पैसा रिलीज होने की बात कही थी। मगर हैरत की बात यह है कि प्रधानमंत्री की इतनी महत्वपूर्ण योजना होने के बावजूद सरकार अभी तक बजट जारी नहीं कर सकी है। इसकी वजह से किसी भी योजना पर अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है। बता दें कि योजना के तहत चयनित शहरों को प्रत्येक वर्ष 200 करोड़ रुपये केंद्र सरकार की ओर से मिलने हैं। यह रकम पांच साल तक दिए जाने का प्रावधान है। मगर पांच महीने में एक रुपया तक रिलीज न होने की वजह से अधिकारी भी हैरान हैं। आलम यह है कि बिना पैसा हाथ में आए अधिकारी भी कदम नहीं बढ़ा पा रहे हैं। निगम सूत्रों ने बताया कि बजट के लिए कई बार अधिकारियों ने शासन में संपर्क किया है, मगर कोई जवाब नहीं मिल पा रहा है।
डेढ़ हजार करोड़ रुपये से होना है शहर का विकास
स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में अनेक कार्य कराए जाने हैं। योजना के तहत तैयार किए गए प्रस्ताव में शामिल कार्यों पर 1495 करोड़ 38 लाख रुपये का खर्च आना है। यह पैसा पीपीपी यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप और कनवरजेंस से जुटाया जाना है। इस रकम में एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के लिए 1283 करोड़ 13 लाख रुपये खर्च होना प्रस्तावित है। इन 1283 करोड़ 13 लाख रुपये में 816 करोड़ रुपये शासन से मिलने हैं, जबकि शेष 380 करोड़ रुपये पीपीपी और 87 करोड़ रुपये कनवरजेंस से आना प्रस्तावित है। इसके अलावा पेन सिटी के लिए 212 करोड़ 25 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस रकम में 139 करोड़ रुपये शासन से मिलना, 37 करोड़ रुपये पीपीपी तथा 36 करोड़ रुपये कनवरजेंस से मिलना प्रस्तावित है।
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योजना के तहत होने वाले विकास कार्य और उनका खर्च
कार्य--------------------------------प्रस्तावित व्यय
विभिन्न अर्थ व्यवस्थाएं------------------291 करोड़ रुपये
सीवर और पेयजल---------------------172 करोड़ 30 लाख रुपये
कचरा प्रबंधन-------------------------69 करोड़ 55 लाख रुपये
परिवहन और फुटपाथ-------------------145 करोड़ 10 लाख रुपये
सुरक्षा--------------------------------पांच करोड़ 50 लाख रुपये
पानी की आपूर्ति------------------------69 करोड़ 50 लाख रुपये
बिजली की आपूर्ति----------------------60 करोड़ तीन लाख रुपये
मजबूत अवसंरचना---------------------302 करोड़ रुपये
पार्क और मैदान------------------------111 करोड़ पांच लाख रुपये
शिक्षा और स्वास्थ्य----------------------एक करोड़ 50 लाख रुपये
उत्तरदाई शासन-------------------------55 करोड़ 60 लाख रुपये

पीएमसी भी अभी तक नहीं बनी
स्मार्ट सिटी योजना के तहत पीएमसी (प्रोग्राम मैनेजमेंट कंसलटेंट) बनाया जाना था, जो अभी तक नहीं बनी है। पीएमसी ही स्मार्ट सिटी योजना के तहत डीपीआर बनाने का काम करेगी। हालांकि नगर निगम अन्य कमेटियों का गठन कर चुका है। जिनमें एसवीपी (स्पेशल प्रपज व्हीकल कमेटी), सहारनपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी और एडवाइजरी फोरम शामिल हैं।

स्मार्ट सिटी योजना के तहत शासन से अभी तक कोई पैसा सहारनपुर को नहीं मिला है। शहर में जो भी डिवाइडर, फुटपाथ, सड़क और अन्य विकास कार्य कराए जा रहे हैं वह रूटीन वर्क है, जिसे नगर निगम अपने स्तर से करा रहा है। स्मार्ट सिटी के तहत जैसे ही पैसा आएगा तब उसपर भी काम होगा।
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- गौरव वर्मा, नगरायुक्त।
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