सहारनपुर। हिंदू जुलाहा जाति को कोरी अनुसूचित जाति के प्रमाण-पत्र जारी किए जाने के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने डीएम एवं प्रमुख सचिव समाज कल्याण को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने डीएम से छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
संविधान बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक राजकुमार ने प्रमुख सचिव समाज कल्याण पर संविधान एवं न्यायालय के आदेशों की अवमानना करके अवैध आदेश जारी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आदेश के चलते सहारनपुर, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद एवं बरेली मंडलों में अवैध रूप से जाति प्रमाण पत्र बनाए जा रहे थे। जिन्हें हाईकोर्ट ने निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए, लेकिन प्रमुख सचिव समाज कल्याण द्वारा आदेश जारी किए गए कि हिंदू जुलाहा कोरी जाति के हैं उन्हें कोरी जाति के प्रमाण-पत्र जारी किए जाते रहेंगे। इसी के आधार पर जिलाधिकारी सहारनपुर द्वारा प्रमाण-पत्र जारी कराने शुरू कर दिए। कोर्ट की अवमानना के खिलाफ 5 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर किया गया। जिस पर 23 मई को सुप्रीम कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए प्रमुख सचिव समाज कल्याण मनोज सिंह एवं जिलाधिकारी प्रमोद कुमार पांडेय को अवमानना को नोटिस भेजा है। कोर्ट ने उन्हें छह सप्ताह का समय देते हुए जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। इस मामले में सुनवाई 7 मई को होगी।