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108 एंबुलेंस में नहीं मिली आक्सीजन, मरीज की मौत

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108 एंबुलेंस में नहीं मिली आक्सीजन, मरीज की मौत
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सहारनपुर। 108 एंबुलेंस में आक्सीजन न मिलने की वजह से एक मरीज ने दम तोड़ दिया। उसकी पत्नी के बार-बार कहने के बावजूद एंबुलेंस के स्टाफ ने मरीज को आक्सीजन नहीं दी। पत्नी ने एंबुलेंस स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उसका आरोप है कि एंबुलेंस में आक्सीजन सिलिंडर था ही नहीं। मामला संज्ञान में आने के बाद एंबुलेंस यूनिट इंचार्ज और सीएमओ के स्तर पर घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
जनता रोड स्थित पुष्पांजलि विहार निवासी उमेश शर्मा कोे सांस और किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी थी। उसका देहरादून के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। पत्नी अनीता ने बताया कि उन्हें अक्सर आक्सीजन की जरूरत पड़ती थी। मगर पिछले दो महीने से वह काफी ठीक थे। शुक्रवार रात करीब 11 बजे उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। पड़ोसियों ने 108 नंबर डायल कर एंबुलेंस बुलाई। आरोप है कि एंबुलेंस फोन करने के काफी देर बाद पहुंची। उन्होंने एंबुलेंस स्टाफ को बताया कि उमेश की हालत ज्यादा खराब है। इसलिए उसे आक्सीजन जरूर दी जाए। आरोप है कि एंबुलेंस स्टाफ ने यह कहते हुए आक्सीजन से इनकार कर दिया कि जिला अस्पताल तो पास में ही है।
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इसके बाद वह किसी तरह उमेश को एंबुलेंस में डालकर जिला अस्पताल की ओर रवाना हुए। मगर आक्सीजन न लगाने की वजह से उमेश की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। जैसे ही उनको जिला अस्पताल के इमरजेंसी में ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उमेश को मृत घोषित कर दिया। अनीता का कहना है कि यदि एंबुलेंस स्टाफ घर से ही आक्सीजन लगाकर चलता तो उसके पति की जान बच सकती थी। उसने एंबुलेंस स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रोष जताया और कार्रवाई की मांग की।
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घटना की जांच कराएंगे : पुरोहित
108 एंबुलेंस सेवा प्रभारी गिरीश पुरोहित ने बताया कि घटना की शिकायत उन्हें मिल गई थी। रात करीब साढ़े 11 बजे वह जिला अस्पताल पहुंचे थे। उस समय भी एंबुलेंस में एक नहीं, आक्सीजन के तीन सिलेंडर रखे थे। रोगी के बारे में पता चला कि वह काफी समय से बीमार था। उसकी हालत ठीक नहीं रहती थी। एंबुलेंस में लाते समय मरीज की देखरेख में लापरवाही की जांच कराई जा रही है।
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स्टाफ पर लगते रहे हैं आरोप
जनपद में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं चल रही हैं। यह पहला वाकया है कि एंबुलेंस में मरीज को आक्सीजन न देने की वजह से मरीज की मौत हुई है। मगर एंबुलेंस स्टाफ पर मरीज को ले जाने के लिए अवैध वसूली के अलावा उत्पीड़न करने के आरोप लगते रहे हैं।
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एंबुलेंस में आक्सीजन की कमी से मरीज की मौत का मामला बेहद गंभीर है। इसकी जांच करा रहे हैं। डॉ. एके त्रिपाठी को जांच अधिकारी बनाया गया है। जांच में यदि एंबुलेंस का स्टाफ जिम्मेदार पाया जाता है तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. बीएस सोढ़ी, सीएमओ।
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