देवबंद (सहारनपुर)। पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा की बैठक में बेहतर कानून व्यवस्था और उन्नति के लिए पश्चिम उत्तर प्रदेश के 6 मंडल व 26 जिलों को मिलाकर अलग राज्य का निर्माण करने की मांग की गई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनसंख्या 22 करोड़ से अधिक है, जिसमें 75 जिले व 18 मंडल हैं। बड़ा राज्य होने के कारण यहां पर समस्याओं का अंबार है। प्रदेश भ्रष्टाचार की चपेट में है। कानून व्यवस्था चौपट है। शिक्षित युवा नौकरी के लिए भटक रहे हैं। गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी और अव्यवस्था का बोलबाला है। जबकि छोटे-छोटे राज्यों से देश की उन्नति संभव है। पड़ोसी राज्य उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल खुशहाल और उन्नति की ओर अग्रसर हैं। पश्चिम में न तो पर्याप्त संख्या में विश्वविद्यालय हैं न ही तकनीकी शिक्षा है। राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेंद्र सिंह मान ने कहा कि बढ़ती समस्याओं का एक मात्र हल पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण किया जाना जरूरी है। संचालन मौ. आसिम मलिक ने किया। इस मौके पर केशर आलम, विनोद सैनी, गुलविंद्र सिंह, भूरा त्यागी, असगर अली, मौ. राशिद, फारूख, सुलेमान, रियासत पहलवान, सचिन प्रधान, देवी सिंह भुल्लर आदि रहे।