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जमीयत ने येरुशलम को इजराईल की राजधानी बनाने के निर्णय की निंदा की

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देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद की बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा येरुशलम को इजराइल की राजधानी बताते हुए वहां अपना दूतावास स्थानांतरित करने के निर्णय की कड़ी निंदा की गई। साथ ही यह फैसला लिया गया कि आगामी 22 दिसंबर को देवबंद समेत देशभर में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
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बुधवार को मौलाना मदनी मार्ग स्थित कार्यालय पर आयोजित हुई बैठक में जमीयत से जुड़े पूर्व पालिकाध्यक्ष इनाम कुरैशी ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा बैतुल मुकद्दस को इजराइल की राजधानी घोषित करने का हालिया फैसला मुसलमानों के लिए बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। यहूदी शक्तियां हमेशा यह साजिश करती रही हैं कि मुसलमानों के किबला अव्वल मस्जिद अकसा को हासिल करें और अब अपना ख्वाब पूरा करने के लिए अमेरिका ने यह चाल चली है। जिसे दुनिया का कोई मुसलमान कभी स्वीकार नहीं कर सकता। इसी सिलसिले में आगामी 22 दिसंबर को देशभर में जमीअत उलमा-ए-हिंद की ओर से दुआ और शांतिपूर्ण विरोध किया जाएगा। देवबंद में भी विरोध का कार्यक्रम होगा। जिसमें हजारों लोग शामिल होंगे। देवबंद इकाई के सचिव उमैर उस्मानी ने बताया कि 22 दिसंबर को मस्जिद रशीद में जुमा की नमाज अदा करके महमूद हॉल में कार्यक्रम आयोजित होगा। जिसके बाद दुआ और शांतिपूर्ण विरोध के साथ राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा जाएगा। उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध में शामिल होने की अपील की। अध्यक्षता मौलाना अब्दुर्रऊफ कासमी व संचालन कारी जुबैर अहमद कासमी ने किया। इस मौके पर रिजवान अहमद, सदरुद्दीन अंसारी, मुल्ला अकरम, यासिर उस्मानी, सादिक सिद्दीकी, हाजी मनशाद, मोहम्मद यूसुफ आदि मौजूद रहे।
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