सहारनपुर। 15 अक्तूबर 2017 को हुई टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) में दिए गए 150 प्रश्नों में से कई प्रश्नों के उत्तर गलत दर्शाए गए हैं, जिनकी वजह से अभ्यर्थियों को करियर के तौर पर भारी नुकसान होता नजर आ रहा है। पीड़ित अभ्यर्थियों ने साक्ष्यों सहित प्रार्थना पत्र बनाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भेजा है, जिसमें अभ्यर्थियों के हित में जरूरी कदम उठाने की मांग की गई है।
गांव सरगथल हमीद निवासी बृजपाल सिंह भी परीक्षा में शामिल हुए। उन्होंने प्राथमिक स्तर की परीक्षा दी, जिसमें 150 सवाल हल करने थे। सवालों के उत्तर चार-चार विकल्प के रूप में थे। बृजपाल ने बताया कि परीक्षा के समय ही उनको कई सवालों के सही उत्तर विकल्पों में न होने का पता चल गया था। घर आने पर उन्होंने बारीकी से इसका अध्ययन किया तो कई सवालों के उत्तर वास्तव में गलत पाए गए। इसे बाद उन्होंने पत्र लिखकर उत्तरमाला जारी करने पर रोक लगाने की मांग की, मगर नहीं मानी गई। अंतत: मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उत्तर माला पर रोक लगाने तथा अभ्यर्थियों के हित में कदम उठाने की मांग की है। बृजपाल ने बताया कि शिक्षक भर्ती में टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी .1 नंबर तक से रह जाते हैं। ऐसे में आठ से दस सवाल गलत होने का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ सकता है। ऐसे में सरकार को कोई सही निर्णय लेना होगा।