शिक्षा मित्रों के सीएम का पुतला फूंकने और जल समाधि की चेतावनी से मचा हड़कंप
सहारनपुर। शिक्षा मित्रों के मानदेय के विरोध में मुख्यमंत्री का पुतला फूंके जाने और जल समाधि लिए जाने की चेतावनी के बाद पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने पुलिस फोर्स के साथ बीएसए कार्यालय पहुंचकर धरना दे रहे शिक्षा मित्रों को घेर लिया और बाहर निकलने से रोक दिया। बाद में शिक्षक नेता के समझाने पर शिक्षा मित्र शांतिपूर्ण धरना समाप्त कर चले गए।
शिक्षा मित्रों ने बृहस्पतिवार को आक्रामक तेवर अपनाते हुए बीएसए कार्यालय पहुंचकर धरना शुरू कर दिया और मुख्यमंत्री का पुतला फूंके जाने तथा जलसमाधि लेने की चेतावनी दे डाली। धरने में शिक्षा मित्र नेताओं ने पुतला फूंकने से रोकने पर पथराव करने और लाठी डंडों से पुलिस का सामना करने तक की चेतावनी दे डाली। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सिटी मजिस्ट्रेट, पुलिस क्षेत्राधिकारी समेत शहर के सभी थाने की पुलिस तथा आरआरएफ मौके पर पहुंच गई और धरना स्थल को घेर लिया। मौके पर महिला पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को भी बुला लिया गया। पुलिस ने मुख्य द्वार को घेर लिया। जिससे तनाव की स्थिति पैदा हो गई। शिक्षा मित्रों द्वारा पथराव और डंडों से सामना करने का एलान कर दिए जाने के बाद पुलिस कर्मी जैकेट और हेलमेट पहनकर अलर्ट हो गए।
हालात को देखकर एक शिक्षक नेता मौके पर पहुंचे और शिक्षा मित्रों को समझा बुझा कर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए कहा। शिक्षा मित्रों के धरने को संबोधित करते हुए शिक्षक नेता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 26 अक्तूबर 2016 को फैसला दिया था कि समान कार्य के लिए समान वेतनमान हो। शिक्षा मित्र भी उसी के तहत अपना हक मांग रहे हैं। शिक्षा मित्रों को इसके लिए धैर्य रखना होगा। भावुकता में आंदोलन की राह बिगाड़ सकती है। शिक्षक कोई तोड़फोड़ नहीं कर सकता। जो लड़ाई शिक्षा मित्र लड़ रहे हैं, उसी प्रकार पुलिस विभाग में भी होमगार्ड लड़ाई लड़ रहे हैं। उनकी कुछ सीमाएं हैं, इसलिए शांतिपूर्ण तरीके से मांग की जा रही है।
जिलाध्यक्ष अंजू कश्यप ने कहा कि जब तक मांगे नहीं मानी जातीं, तब तक धरना प्रदर्शन चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि वह शुक्रवार को पूर्वी यमुना नहर में पूरे परिवार के साथ जल समाधि लेंगी। इस मौके पर संजय शर्मा, नरेश कुमार, अहसान मलिक, संजय सानियाल, मोहतमिम, धूम सिंह, संजय जीवा, संजय प्रधान, मदन पाल, अरविंद, शाहिद, नौशाद, धर्मवीर, रफल सिंह, ब्रिजेश, आजाद, रविकांत, मंजू, ममता रावत, शब्बू खान, शबा नाज शामिल रहे।