स्कूलों और मदरसों में बच्चों को
दी जाएगी कृमिनाशक दवा
देवबंद। सरकारी चिकित्सालय में शनिवार को कार्यक्रम में परिषदीय, मान्यता प्राप्त स्कूलों और मदरसों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया।
चिकित्सा अधीक्षक डा. इंद्राज सिंह ने कहा कि बच्चों के पेट में कीड़े होने से उनमें खून की कमी हो जाती है। इससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उनका मन पढ़ाई में नहीं लगता और वह स्कूल जाने से कतराते हैं। इसके लिए एल्बेंडाजोल की गोली खिलानी है।
प्रशिक्षक राजीव कुमार जैन ने कहा कि नंगे पैर घूमने, शौच के पश्चात भली प्रकार हाथ न धोने, भोजन करने से पूर्व साबुन से हाथ न धोने से पेट में कृमि हो जाते हैं। इनसे अनेक बीमारियां पैदा हो जाती हैं। खंड शिक्षा अधिकारी अजय कुमार ने कहा कि 10 फरवरी को कृमि दिवस पर सभी अध्यापक भोजन कराने के बाद बच्चों को एल्बेंडाजोल की एक गोली चबाकर खिलाएंगे। जो बच्चे इस दिन छूट जाएंगे, उन्हें 15 फरवरी को गोली खिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस बच्चे की तबियत खराब हो उसे तबीयत ठीक होने के बाद दवा खिलाई जाएगी। इस मौके पर आदेश कुमार, मोतीलाल, डा. सतीश शर्मा, सरशादी लाल, प्रमोद कुमार, असद सिद्दीकी, बुशरा, नजम, सुधीर कुमार आदि मौजूद रहे।