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बिजली संविदा कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी

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बड़गांव (सहारनपुर)। बिजली ठेकेदार की मनमानी के विरोध में बिजली घरों पर तैनात संविदा कर्मियों की हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इसके चलते पिछले 60 घंटों से क्षेत्र के तीन बिजलीघरों से जुड़े 25 से ज्यादा गांवों की बिजली सप्लाई पूरी तरह से ठप है। आरोप है कि ठेकेदार वेतन भेजने के नाम पर दस हजार रुपये की मांग कर रहा है। जिस कारण संविदा कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं।
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क्षेत्र के हसनपुर लौटनी, जयपुर व किशनपुरा बिजलीघरों पर लगभग दस संविदा कर्मी लाइन मैन के रूप में कार्य कर रहे हैं। पिछले आठ महीने से वेतन नहीं मिलने से इन कर्मचारियों को आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है। आरोप है कि कई माह से उन्होंने ठेकेदार के कहने पर कागज भी जमा कर दिए हैं बावजूद उसके आज तक उन्हें भुगतान नहीं किया गया। संजू, भोला, रेनू आदि ने बताया कि अब ठेकेदार दस हजार रुपये देने के बाद आठ महीने का वेतन भेजने की बात कर रहा है। मंगलवार को हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने जयपुर हसनपुर लौटनी व किशनपुरा बिजलीघर पर ताला डालकर हंगामा खड़ा कर दिया था। इसके चलते बिजली घरों के एसएसओ भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। पिछले साठ घंटे से बिजली नहीं आने से क्षेत्र के मौरा, तिलफरा, जडौदा पांडा, किशनपुरा जयपुर आदि के सैकड़ों ग्रामीण भी लौटनी बिजली घर पहुंचे और बिजली सप्लाई छोड़ने की मांग की। इस पर लाइनमैन ने बताया कि जलालाबाद से आने वाली मेन लाइन में फाल्ट आ गया है जिसे लाइनमैन तब तक ठीक नहीं करेंगे जब तक उनका पिछले आठ माह का वेतन भुगतान नहीं कर दिया जाता।
मौरा गांव के प्रधान विनोद कुमार आदि ने बताया कि विद्युत निगम के एक्सईएन ने रात तो फोन पर बात कर ली थी, लेकिन अब वे भी फोन ही नही उठा रहे हैं। उधर, हड़ताल के दूसरे दिन भी अभी तक विद्युत निगम का कोई अधिकारी हड़ताली संविदा कर्मचारियों की सुध लेने तक पहुंचा। आंदोलनरत कर्मचारी बिजली अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे थे। बुधवार को हड़ताल पर संविदाकर्मी भोला, विजयपाल, राशिद, सोमपाल, अरुण, पवन अनिल मौजूद रहे। जेई आजम अकबर का कहना है कि अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। उनके स्तर से ही कोई कार्रवाई हो सकेगी।
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