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निकायों के जरिए राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटे सियासी दल

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निकायों के जरिए राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटे सियासी दल
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सहारनपुर। विधानसभा चुनाव के ठीक बाद हो रहे निकाय चुनाव में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए सियासी दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। बुधवार को जिले भर के 11 निकायों में मतदान होना है और पहली बार सभी प्रमुख दलों के प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं। ऐसे में अपने वोट बैंक के साथ ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को रिझाने के लिए पिछले कई दिनों से चल रही मशक्कत की असली परीक्षा बुधवार को होगी। यही कारण है कि अंतिम दिन भी देर रात तक राजनीतिक दल और प्रत्याशी पूरी ताकत से रणनीति बनाने में जुटे रहे। माना जा रहा है कि इस चुनाव के जरिए सहारनपुर में वर्ष 2019 की सियासी रुपरेखा भी तय होगी। यही कारण है कि निकाय चुनाव में दावेदारों ने पूरे दमखम के साथ जनता को रिझाने की कोशिश की।
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बसपा को है दलित मुस्लिम गठजोड़ पर भरोसा
पहली बार निकाय चुनाव में चुनाव चिन्ह पर प्रत्याशी मैदान में उतारने वाली बहुजन समाज पार्टी की निगाहें इस बार दलित-मुस्लिम गठजोड़ पर है। नगर निगम में हाजी फजलुर्रहमान को प्रत्याशी के रुप में उतारकर इस फार्मूले पर है। इसके अलावा छह निकायों में मुस्लिम प्रत्याशी बसपा ने उतारे हैं। नगर निगम के पहली बार हो रहे चुनाव में बसपा ने पूरे जोर शोर से जुटी है। विधानसभा चुनाव के ठीक बाद मुस्लिमों को रिझाने के लिए बसपा ने पूर्व सांसद काजी रशीद मसूद और मंसूर अली खान को पार्टी में शामिल किया। ऐसे में इस चुनाव के जरिए बसपा अपने फार्मूले की परीक्षा में है।
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भाजपा को हिन्दू मतों पर है भरोसा
पूरी मजबूती से निकाय चुनाव में उतरी भाजपा को हिन्दू मतों पर भरोसा है और उसे एकजुट करने के लिए ही पूरी ताकत झोंक रखी थी। निगम में संजीव वालिया के अलावा 11 निकायों में जातिय फार्मूले को भी साधने की पूरी कोशिश की गई है। भाजपा की संजीदगी का आंकलन इस बात से किया जा सकता है कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी और डिप्टी सीएम केशव मौर्य भी यहां आए। विधानसभा में चार सीटों पर मिली जीत के बाद भाजपा के सामने अपने जनाधान को कायम रखने की अग्निपरीक्षा है। इसके अलावा सांसद राघव लखनपाल शर्मा सहित अन्य नेताओं को इस चुनाव के जरिए खुद को साबित करना है।
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इमरान मसूद के जरिए कांग्रेस मैदान में
पूर्व विधायक इमरान मसूद के जनाधार के आधार पर कांग्रेस भी पूरे दमखम के साथ मैदान में है। कांग्रेस ने नगर निगम में शशि वालिया के अलावा ज्यादातर निकायों में मुसलमान प्रत्याशी उतारे हैं। इमरान मसूद ने लोकसभा चुनाव में चार लाख वोट लिए और विधानसभा चुनाव के गठबंधन में कांग्रेस के पाले में दो सीटें आई। ऐसे में कांग्रेस मुस्लिम मतदाताओं के साथ हिन्दू मतों में सेंधमारी की पूरी कोशिश में है। यही कारण है कि प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर को यहां बुलाकर हिन्दू मतों को पाले में लाने की पूरी कोशिश की गई है।
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सपा मुस्लिमों के साथ हिन्दू सेंधमारी में
विधानसभा चुनाव में गठबंधन में शहर सीट पर सपा के संजय गर्ग चुनाव जीते। नगर निगम में मुस्लिम प्रत्याशी साजिद चौधरी को उतारा है। पिछड़े मुस्लिम चेहरे के दम पर सपा मुस्लिमों को साधना चाहती है और संजय गर्ग के चेहरे से हिन्दू मतों में अपनी हिस्सेदारी में है। सपा के सामने संजय गर्ग की जीत के अपने फार्मूले को साबित करना है। सपा ने मुस्लिमों को रिझाने के लिए ज्यादातर निकायों में मुसलमान प्रत्याशी उतारे हैं। ऐसे में मुस्लिमों पर अपनी पकड़ को साबित करने की अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा।
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