गागलहेड़ी (सहारनपुर)। सीएचसी पर डाक्टर न होने के कारण समय से उपचार न मिलने के पर एक रोगी की एंबुलेंस में ही मौत हो गई। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने सीएचसी पर जमकर हंगामा किया। सूचना पर एसडीएम और सीओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को भी मौके पर बुलाया गया। फार्मासिस्ट के नशे में होने के संदेह के चलते उसे पुलिस ने मेडिकल जांच के लिए भिजवाया। कार्रवाई के भरोसे पर लोग शांत हुए।
किसान सेवा सहकारी समिति सुनहेटी खड़खड़ी में तैनात चौकीदार 43 वर्षीय सुभाष पुत्र प्रेमसिंह मूल निवासी हरिपुर नवादा देहरादून लंबे अरसे से थायराइड बीमारी से ग्रस्त था। पिछले कुछ दिनों से सुभाष की तबीयत ज्यादा खराब चल रही थी। परिजनों के अनुसार बुधवार सुबह सुभाष की तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी। उसे एंबुलेंस से सात बजे सीएचसी सुनहेटी खड़खड़ी ले जाया गया। आरोप है कि सीएचसी पर मौजूद फार्मेसिस्ट ने डाक्टरों की अनुपस्थिति में गेट खोलने से मना कर दिया। इसी दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि प्राथमिक चिकित्सा न मिलने पर सुभाष ने एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया। इसके बाद सीएचसी की बिगड़ी व्यवस्था तथा स्टाफ के रवैये से खफा ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने फार्मेसिस्ट सुनील गौस्वामी को बुलाया तो वह शराब के नशे में था। पुलिस ने सुनील को मेडिकल के लिए भेज दिया। बवाल बढ़ने की आशंका के चलते थाना प्रभारी सुनील कुमार सैनी ने एसडीएम सदर संगीता व सीओ सदर यतेंद्र नागर के साथ साथ फतेहपुर पुलिस को मौके पर बुला लिया। एसडीएम ने एंबुलेंस चालक राजीव व ईएमटी सुधीर रावत से पूछताछ की और मृतक के पिता प्रेम सिंह चौहान को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एसडीएम सदर ने पूरे सीएचसी का निरीक्षण करने के साथ ही डिप्टी सीएमओ डा. विक्रम सिंह पुंडीर को मौके पर बुलाया। उन्हें हड़काते हुए सीएचसी की व्यवस्थाओं में सुधार की चेतावनी दी। चिकित्सा अधीक्षक प्रमोद कुमार धारीवाल ने बताया कि स्टाफ व संसाधनों की कमी और मरीजों की संख्या अधिक होने से असुविधा हो रही है। अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। एसडीएम ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी। जो भी स्वास्थ्य कर्मचारी दोषी पाया गया। उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।