सहारनपुर। दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन का असर रेल यातायात पर भी पड़ा। सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के चलते शनिवार को सहारनपुर और टपरी से दिल्ली जाने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस समेत 11 ट्रेनें निरस्त रही। ट्रेनों के निरस्त होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली जाने के लिए यात्रियों को दूसरी ट्रेनों का सहारा लिया। इसके लिए उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा।
दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के चलते शनिवार को रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ अलर्ट रही। रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट से लेकर आउटर पर जीआरपी-आरपीएफ के जवान तैनात रहे। स्टेशन पर आने वाले यात्रियों की निगरानी रखी। इसके साथ ही सीसीटीवी से भी नजर रखी गई।
सहारनपुर से मेरठ, शामली होकर दिल्ली जाने वाली आठ ट्रेनें निरस्त रही। इनके अलावा टपरी से होकर जाने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस सहित तीन ट्रेनों का भी संचालन नहीं हुआ। ऐसे में यात्रियों को सहारनपुर-टपरी रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का इंतजार करना पड़ा।
ये बोले यात्री
बिहार निवासी मुकेश ने बताया कि सहारनपुर में काम करते हैं। किसी काम से दिल्ली जाना था। सुबह नौ बजे की ट्रेन से रवाना होना था, लेकिन ट्रेन निरस्त होने के कारण उन्हें दूसरी ट्रेन का इंतजार करना पड़ रहा है। करीब एक घंटे से स्टेशन पर बैठे हैं। ट्रेन कब मिलेगी, इसे लेकर भी असमंजस बना हुआ है।
नईम ने बताया अंबाला से मुजफ्फरनगर जा रहे थे। ट्रेन निरस्त होने के कारण उन्हें सहारनपुर में ही रुकना पड़ा। यात्रा के बीच में इस तरह ट्रेन रद होने से आगे पहुंचने में देरी होती है। यात्रियों को स्टेशन पर रुककर दूसरी ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है।
सहारनपुर निवासी सोकेंद्र कुमार ने बताया कि रेवाड़ी जाना है। ट्रेन लेट होने के कारण स्टेशन पर इंतजार करना पड़ रहा है। एक ट्रेन के निरस्त या लेट होने से आगे की यात्रा पर भी असर पड़ता है। समय से गंतव्य तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
बिहार निवासी विपिन ने बताया कि घूमने के लिए आए थे। स्टेशन पर करीब दो घंटे से ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। ट्रेन निरस्त होने के कारण काफी समय स्टेशन पर ही बिताना पड़ रहा है। इस तरह इंतजार करना परेशानी भरा होता है।
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जिन ट्रेनों को निरस्त किया गया था, उनके बारे में रेलवे स्टेशन पर अनाउंसमेंट होता रहा। इसके साथ ही कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई गई थी, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। - यशनजीत सिंह, सीनियर डीसीएम, अंबाला मंडल