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मुजफ्फरनगर के निलंबित एडीएमई के समर्थन में उतरा सर्वसमाज

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देवबंद (सहारनपुर)। मुजफ्फरनगर के पूर्व अपर जिलाधिकारी और रिटायर्ड कर्नल के बीच हुए विवाद में एडीएम (ई) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर निलंबन की कार्रवाई से किए जाने से अनुसूचित जाति के लोगों में भारी आक्रोश है। सोमवार को दलित समाज समेत अन्य संगठनों ने राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर एडीएम पर दर्ज मुकदमे को खारिज करने तथा उनका निलंबन वापस लेने की मांग की है।
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मुजफ्फरनगर के पूर्व अपर जिलाधिकारी हरीश चंद्रा के समर्थन में सोमवार को मुस्लिम फंड ट्रस्ट के प्रबंधक हसीब सिद्दीकी के नेतृत्व में सर्वसमाज के लोगों ने नगर में मार्च निकाला। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन एसडीएम ऋतु पुनिया को सौंपा। जिसमें ज्ञापन में बताया गया कि एडीएमई हरीश चंद्रा का परिवार चार वर्ष से नोएडा के सेक्टर 29 के प्लैट नंबर 646 में रह रहा है। इसी फ्लैट के ग्राउंड फ्लोर पर रिटायर्ड कर्नल विरेंद्र सिंह चौहान रहते हैं। आरोप है कि रिटायर्ड कर्नल एडीएम हरीश चंद्रा के परिवार को अपमानित करते आ रहे थे। उनकी पत्नी को जाति सूचक शब्द बोले गए। जिस पर पुलिस ने कर्नल को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन पुलिस ने रिटायर्ड कर्नल की राजनीतिक पहुंच के चलते पूरे मामले में हरीश चंद्रा और उनके परिवार को दोषी बनाते हुए धारा 307 में मुकदमा दर्ज करा दिया। परंतु शासन ने बिना जांच किए ही हरीश चंद्रा को निलंबित कर दिया, जो संविधान के खिलाफ है। सर्वसमाज ने मुख्यमंत्री से हरीश चंद्रा के परिवार पर दर्ज झूठा मुकदमा खारिज करने तथा उनका निलंबन वापस करने की मांग की है। इस दौरान पंडित सतेंद्र शर्मा, अधिवक्ता नसीम अंसारी, सलीम कुरैशी, सभासद मनोज सिंघल, राजकिशोर गुप्ता, मजाहिर हसन, तौफीक जग्गी, विवेक तायल, राव मसीउल्लाह, जमाल नासिर आदि रहे। दिव्य संत शिरोमणि गुरु रविदास शिक्षा शोध एवं मानव उत्थान ट्रस्ट ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजे ज्ञापन में कहा कि शासन-प्रशासन भेदभाव के आधार पर एडीएमई और उनके परिवार को प्रताड़ित करने में लगा है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में जितेंद्र नौटियाल, सुशील जायसवाल, डा. राजकुमार पाटिल, कुलदीप, अजय गांधी, सोमपाल बौद्ध आदि रहे। उधर, चंदेना कोली में दलित सेना की बैठक में जिलाध्यक्ष शिवकुमार ने कहा कि एडीएम हरीश चंद्रा को निलंबित किया जाना एक सोची समझी साजिश है। सरकार को चाहिए कि वह मामले की गंभीरता से जांच कराकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए। इस मौके पर पंकज बौद्ध, सुमित बौद्ध, हरिनारायण राघव, रामभरोसा बौद्ध, बिट्टू बौद्ध, विजयपाल, विनय, डा. मनोज, प्रदीप बौद्ध, भानू सिंह, आदेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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