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शेखुल हिंद हाल में जश्ने उर्दू व सम्मान समारोह का आयोजन

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जश्ने उर्दू व सम्मान समारोह में 75 लोगों का सम्मान
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देवबंद (सहारनपुर)। डा. अल्लामा इकबाल के जन्मदिन (उर्दू दिवस) के उपलक्ष्य में शेखुल हिंद हाल में जश्ने उर्दू व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले 75 लोगों को सम्मानित किया गया।
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कार्यक्रम में इदारा खिदमते खल्क के संरक्षक हसन उल हाशमी ने कहा कि उर्दू इस मुल्क का सरमाया है। इसकी पैदाइश और परवरिश इसी सरजमीन की है। इसलिए इसकी हिफाजत करना भी हम सबका फर्ज है। मुख्य अतिथि महाराज लक्ष्मण सिंह ने कहा कि कोई भी भाषा किसी विशेष वर्ग का प्रतिनिधित्व नहीं करती। भाषाएं सरहदों की बंदिशों से दूर दिलों को जोड़ने का काम करती हैं। शाहिद जुबैरी ने कहा कि संस्कृति और भाषाएं सरकार के भरोसे जिंदा नहीं रह सकती है। संचालन कर रहे सैय्यद वजाहत शाह ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम की प्रथम भाषा है। इंकलाब जिंदाबाद और सारे जहां से अच्छा, हिंदोस्ता हमारा जैसा तराना इसी जबान की देन है। प्रो. तनवीर चिश्ती, डा. शेख नगीनवी, अब्दुल्ला उस्मानी आदि ने भी उर्दू भाषा के महत्व को बताया। कार्यक्रम में शिक्षा, साहित्य, समाजसेवा के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए प्रो. तनवीर चिश्ती, डा. नवाज देवबंदी, मौलाना हसनुल हाशमी, उमर दराज खान, तौसीफ अहमद, अहमद भारती, डा. शेख नगीनवी, डा. शाहिद जुबैरी, डा. कुदसिया अंजुम, अशरफ उस्मानी, सबा सिद्दीकी, उबैद इकबाल आसिम, डा. असजद तुर्की, फहीम उस्मानी, नूर देवबंदी और अब्दुल रर्हमान सैफ को अल्लामा इकबाल सम्मान दिया गया। इनके अलावा नौशाद अर्शी, शहाना प्रवीन, अमीर हसन, हुसैन अहमद, खालदा खातून, किश्वर सईद, उजमा प्रवीन आदि को अल्लामा इकबाल एवार्ड 2017 देकर सम्मानित किया गया। जबकि उर्दू सद्भावना सम्मान पाने वालों में एडीएम हरीश चंद्रा, सत्येंद्र भटनागर, अरुण अग्रवाल, अरविंद सिंघल, जीनत नाज, शमीम देवबंदी, महताब आजाद, विशाखा चौहान आदि रहे। कार्यक्रम में छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
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