सहारनपुर नगर निगम की जमीन पर निजी कंपनी द्वारा कॉलोनी काटने का मामला प्रकाश में आया है। मामला दिल्ली रोड स्थित पार्श्वनाथ सिटी कॉलोनी से जुड़ा है, जिसमें जमीन का बड़ा हिस्सा नगर निगम का है।
कॉलोनी में निगम की जमीन होने का खुलासा होने के बाद से निगम अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है, जो अब जमीन वापस पाने की कवायद में जुट गए हैं। सात साल से निगम के अधिकारी और कर्मचारी मामले को दबाए बैठे रहे।
चर्चा यहां तक है कि कॉलोनी में निगम की जमीन जाने का निगम के अधिकारियों और कुछ कर्मचारियों को पता था, जिन्होंने कंपनी के अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर ली थी। फिलहाल निगम अफसर मामले की जांच में जुट गए हैं, जिसमें दोषियों पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
दिल्ली रोड स्थित पार्श्वनाथ सिटी कॉलोनी बनी है, जिसमें ज्यादातर प्लॉट बेचे जा चुके हैं। इस कॉलोनी का नक्शा सहारनपुर विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2009 में पास किया था।
अब करीब सात साल बाद नगर निगम के अधिकारियों को पता चला है कि जिस जमीन पर कॉलोनी काटी है उसमें 1.02 हेक्टेयर यानी करीब 16 बीघा जमीन नगर निम की है।
पता चलने के बाद से नगर निगम के अधिकारियों में हड़कंप मचा है। जमीन वापस पाने के लिए उन्होंने कॉलोनी काटने वानी कंपनी के अधिकारियों के साथ ही सहारनपुर विकास प्राधिकरण से भी संपर्क साधा है।
इसके बाद विकास प्राधिकरण के अधिकारी भी कॉलोनी की फाइलें खंगालने में जुट गए हैं। निगम में चर्चा है कि कॉलोनी में नगर निगम की जमीन जाने का अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले से पता है।
इतना ही नहीं, इसमें अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत भी मानी जा रही है। हालाकि यह जांच का मामला है। नगर निगम अधिकारियों ने अपने स्तर से मामले की जांच शुरू कर दी है।
पार्श्वनाथ सिटी में ज्यादातर प्लॉट बेचे जा चुके हैं। यहां 15 से 20 हजार रुपये गज तक जमीन बताई जा रही है। ऐसे में लोगों से लाखों रुपये कंपनी द्वारा प्लॉट की एवज में वसूले जा चुके हैं।
नगर निगम अपनी जमीन को छोड़ेगा नहीं, ऐसे में निगम की जमीन पर बिके प्लॉट स्वामियों को अब नुकसान होने का अंदेशा नजर आने लगा है।
शहर में जगह-जगह नगर निगम की जमीनें खाली पड़ी हैं। निगम की जमीनों पर कब्जे होनेे का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले मल्हीपुर रोड पर निगम की जमीन पर कब्जा कर लिया गया। खाताखेड़ी क्षेत्र में निगम के पक्के मकान पर कब्जा किया गया।
राकेश सिनेमा के पीछे पड़ी निगम की जमीन पर लोगों ने अस्थाई कब्जा किया हुआ है। लापरवाही के कारण नगर निगम की जमीनों पर कब्जे के अनगिनत मामले अभी तक सामने आ चुके हैं।