राजकीय मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर रैगिंग करने का मामला सामने आया है। सीनियर बैच 2019 के विद्यार्थियों ने हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग का प्रयास किया। सुरक्षा गार्ड के साथ अभद्रता की। प्राचार्य के चालक ने रोकने का प्रयास किया, तो सीनियर छात्रों ने उसकी जमकर पिटाई की। पुलिस ने मामले की जांच की बात कही है।
मामला सोमवार देर रात का है। 2019 बैच एमबीबीएस के कुछ विद्यार्थियों ने एमबीबीएस बैच 2024 के हॉस्टल में जाकर रैगिंग करने की कोशिश की। जूनियर हॉस्टल के गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने सीनियर विद्यार्थियों को देखा तो मेन गेट खोलने से मना कर दिया, जिस पर कुछ सीनियर विद्यार्थियों ने सुरक्षा गार्ड के साथ भी गालीगलौज की। इस पर सुरक्षा गार्ड ने प्राचार्य को फोन किया।
प्राचार्य ने चालक जयदीप शर्मा को भेजा। सीनियर छात्रों ने उसके साथ मारपीट कर दी। जयदीप को रात में ही मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। हालांकि मंगलवार सुबह चालक को छुट्टी दे दी गई। रैगिंग की घटना से जूनियर विद्यार्थी डरे हुए थे, जिन्हें मेडिकल कॉलेज के प्रमुख चिकित्सकों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर एकेडमिक भवन में भेजा। बताया जा रहा है कि रैगिंग के मामले में सीनियर बैच के तीन एमबीबीएस विद्यार्थियों के नाम सामने आ रहे हैं। पुलिस ने घटना की जानकारी होने से इंकार किया है।
एक दिन पहले ही हॉस्टल में शिफ्ट हुए थे जूनियर छात्र
रैगिंग को रोकने के लिए प्राचार्य ने 2024 बैच के सभी विद्यार्थियों का अभी तक मेडिकल कॉलेज के गेस्ट हाउस में ही रहने का इंतजाम कराया हुआ था। बीते तीन महीने से 2024 बैच के एमबीबीएस छात्र गेस्ट हाउस में ही रह रहे थे, जिन्हें सोमवार सुबह ही हॉस्टल में शिफ्ट किया था। रात में ही रैगिंग का मामला हुआ। सीनियर तथा जूनियर बैच के हॉस्टलों के बीच करीब 300 मीटर की दूरी है।
सख्ती के बावजूद नहीं रुक रही रैगिंग
राजकीय मेडिकल कॉलेज में सख्ती के बावजूद रैगिंग के मामले नहीं रुक रहे हैं। प्राचार्य ने विद्यार्थियों को बुलाकर हिदायत दी थी कि यदि किसी भी बैच का कोई विद्यार्थी रैगिंग में लिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी। क्योंकि, इससे पहले कई बार रैगिंग के मामले सामने आ चुके हैं।
ये बोले प्रचार्य
कुछ छात्रों के बीच झगड़ा होने की जानकारी मिली थी। उनमें किसी बात पर विवाद हुआ था। बाद में समझौता हो गया।
- डॉ. सुधीर राठी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज