सद्दाम की कई लड़कियों से दोस्ती थी। वह अक्सर नए नंबरों से प्रयागराज की तीन और दिल्ली की एक लड़की से बात करता था। एसटीएफ ने चारों लड़कियों के नंबरों को सर्विलांस पर लगाया था। कुछ दिन पहले ही उसने दिल्ली वाली दोस्त से बताया था कि वह जल्द ही उससे मिलने आएगा। इसके बाद एसटीएफ ने लड़की के घर के आस पास पूरी घेरेबंदी कर रखी थी। बृहस्पतिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
माफिया अशरफ के साले अब्दुल समद उर्फ सद्दाम को एसटीएफ की बरेली यूनिट ने बुधवार देर रात दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। एक लाख रुपये का इनामी सद्दाम मालवीय नगर में सिटी वॉक मॉल के नजदीक डीडीए फ्लैट में अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए पहुंचा था। वह अधिवक्ता उमेश पाल की हत्या के बाद से ही गायब था। दिल्ली से उसे यहां के बिथरी चैनपुर थाने लाकर पूछताछ के बाद बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
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जैनब भी प्रयागराज से लेकर दिल्ली तक लगातार बदल रही है ठिकाने
एसटीएफ की पूछताछ में सद्दाम ने बहन जैनब लेकर खुलासा किया कि वह प्रयागराज से दिल्ली तक कई शहरों में लगातार ठिकाने बदल-बदल कर रह रही है। वह मोबाइल का प्रयोग नहीं कर रही है, इस कारण वह वर्तमान लोकेशन नहीं जानता।
सद्दाम को उमेश पाल हत्याकांड के पल पल की अपडेट थी। उसने हत्याकांड से कुछ दिन पहले ही बरेली छोड़ दिया था। वह सबसे पहले मुंबई पहुंचा था। वहां भीड़ भरे बाजार में कई दिन रहा। फिर वह कर्नाटक के अलग अलग शहरों में भी रहा। अक्सर पर दिल्ली आ जाता था।
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यहीं उसकी कई बार बहन जैनब से मुलाकात हुई। एक बार तो दिल्ली के मॉल में दोनों को ट्रेस किया गया था। सद्दाम न सिर्फ लगातार ठिकाने बदल रहा था बल्कि मोबाइल भी बदल देता था। इसीलिए पुलिस उस तक नहीं पहुंच पा रही थी।
प्रयागराज में तीन लड़कियों और दिल्ली में एक लड़की से लगातार करता था बात
सद्दाम की कई लड़कियों से दोस्ती थी। वह अक्सर नए नंबरों से प्रयागराज की तीन और दिल्ली की एक लड़की से बात करता था। एसटीएफ ने चारों लड़कियों के नंबरों को सर्विलांस पर लगाया था। कुछ दिन पहले ही उसने दिल्ली वाली दोस्त से बताया था कि वह जल्द ही उससे मिलने आएगा। इसके बाद एसटीएफ ने लड़की के घर के आस पास पूरी घेरेबंदी कर रखी थी। बृहस्पतिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
भागकर कई प्रदेशों में छुपा
गिरफ्तारी से बचने के लिए सद्दाम ने दिल्ली, कर्नाटक और मुंबई में ठिकाने बदलकर पनाह ली थी। पूछताछ में उसने बताया कि अशरफ के बरेली जेल जाने में आने के बाद अशरफ के दोस्त और परिचित जो पैसा देते थे, वह उसके पास रहता था। बरेली में लल्ला गद्दी, नाजिश, सैयद साहब, फुरकान आदि के साथ मिलकर अशरफ के नाम पर विवादित जमीनों में हस्तक्षेप किया जाता था। इससे उन्हें करोड़ों रुपये की आमदनी होती थी।
गुड्डू बमबाज, अरमान, जैनब और शाइस्ता पर भी कसेगा शिकंजा
बिथरी में दर्ज मुकदमे में वांछित मुख्य आरोपी सद्दाम की ही गिरफ्तारी शेष थी। इनके अलावा प्रयागराज निवासी गुड्डू बमबाज और अरमान के नाम भी बाद में इस मुकदमे में खोले गए थे। इनके बारे में भी पुलिस को अहम जानकारी मिली है।
सद्दाम की गिरफ्तारी के बाद फरार चल रही उसकी बहन जैनब और अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता के बारे में भी पुलिस को अहम सुराग मिलने की बात बताई जा रही है। प्रयागराज पुलिस और एसटीएफ की टीमें बरेली एसटीएफ के संपर्क में हैं। जल्दी ही चारों फरार आरोपियों पर शिकंजा कसा जा सकता है। सद्दाम को रिमांड पर भी लिया जा सकता है।
विवादित जमीन की सौदेबाजी में लगा था सद्दाम
सद्दाम ने लल्ला गद्दी से दोस्ती कर शहर में विवादित जमीन की सौदेबाजी में लगा था। लल्ला गद्दी ने सद्दाम को प्रॉपर्टी के काम से जुड़े गुड्डू उर्फ फरहत से मिलवाया था। सद्दाम ने फरहत के खाते में प्रापर्टी खरीदने के लिए रुपये भेजे थे।
मुकदमा दर्ज होने के बाद लेनदेन के सबूत मिलने पर फरहत को जेल भेजा गया था। लल्ला गद्दी ने सद्दाम को फुरकान, नाजिश, सैय्यद साहब आदि लोगों से भी मिलवाया था। ये लोग विवादित जमीन में सद्दाम से अशरफ की अवैध कमाई का रुपया लगवाते थे और खुद कब्जा करते थे। समझौते की बात आती थी तो मोटी रंगदारी लेते थे।