उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना, घाघरा, शारदा समेत अन्य नदियां उफान पर हैं, जबकि पहाड़ों पर बरसी आफत ने मंगलवार को मैदानों को भी चपेट में ले लिया है।
बारिश की रफ्तार थमने के बावजूद बनबसा बैराज से सोमवार रात तीन चरणों में छोड़े गए 5 लाख, 44 हजार 500 क्यूसेक अतिरिक्त पानी के कारण उफनाई शारदा नदी ने पीलीभीत के ट्रांस शारदा क्षेत्र और लखीमपुर खीरी के पलिया-निघासन इलाकों में कहर बरपा दिया।
तस्वीरों में: आसमान से बरसी आफत
इधर पश्चिमी यूपी में बिजनौर के बाद गंगा मुजफ्फरनगर में भी खतरे के निशान को पार कर गई है। मुजफ्फरनगर में राहत कार्यों के लिए यहां रुड़की से सेना बुलाई गई है।
यहां सेना के जवानों ने बाढ़ में फंसे 300 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है, जबकि बिजनौर में गंगा के खादर क्षेत्र में आई बाढ़ में सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं।
तस्वीरों में: उफान पर यमुना
सहारनपुर में बाढ़ की चपेट में तीन लोगों की मौत की खबर है, जबकि सीतापुर के महोली के हाजीपुर निवासी शमशाद (28) और फैजाबाद के खंडासा गांव में मोनिका (10) की कच्ची दीवार ढहने से मौत हो गई।
अवध में घाघरा नदी खतरे के निशान को पार करने को बेताब है जबकि गंगा, शारदा और गेरुआ नदियों ने भी कहर बरपाना शुरू कर दिया है।
रायबरेली में 300 और गांव बिजली गुल होने से अंधेरे में डूब गए हैं। बलरामपुर में बारिश ने पिछले 16 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। राप्ती नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हो रही है। उधर, ट्रांस शारदा क्षेत्र में 50 से अधिक और पलिया-निघासन इलाके में करीब 208 गांवों में बाढ़ की चपेट में आ गए।
'भोले शंकर' से नाराज है गंगा मैया!
रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने से पीलीभीत-टनकपुर और मैलानी-पलिया के रेल यातायात बंद कर दिया गया है। सड़क यातायात भी ठप हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना, एसएसबी तथा पीएसी राहत और बचाव कार्यों में जुट गए हैं।
तस्वीरों में देखिए केदारनाथ की तबाही
बरेली से पीएसी के 100 जवानों ने भी आठ मोटरबोट के साथ यहां पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है। हथनी कुंड बैराज से यमुना में छोड़े गए पानी से शामली में जलस्तर खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर बह रहा है। संभल जिले के 60 गांव बाढ़ के मुहाने पर हैं। गांवों को खाली कराया जा रहा है।