उत्तर प्रदेश में मेरठ के मुंडाली क्षेत्र के नंगला मल गांव में शुक्रवार शाम सांप्रदायिक संघर्ष हो गया। मंदिर में लाउडस्पीकर से भजन बजने पर एक समुदाय के लोगों ने मारपीट कर दी।
इसके बाद दोनों पक्षों में जमकर पथराव और फायरिंग में एक समुदाय की महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई। तनाव को देखते हुए गांव में आरएएफ, पीएसी और कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई है। पुलिस ने तीन उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया है।
भाजपा सांसद, विधायक, हिंदू संगठनों के नेता और पुलिस अफसरों की देर रात तक मीटिंग चलती रही। एसएसपी ने पुलिस की लापरवाही मानते हुए एसओ मुंडाली वसीम खान को तत्काल सस्पेंड कर दिया। जिले के ही गांव गगोल में भी डेक बजाने को लेकर तनाव के बाद पीएसी बल को तैनात कर दिया गया है।
नंगलामल गांव में चार दिन से मंदिर के लाउडस्पीकर से भजन बजाने का विवाद चल रहा था। शुक्रवार शाम करीब साढ़े छह बजे जब भजन बज रहे थे, तभी पास में स्थित रोजा इफ्तार का ऐलान हो गया।
एक समुदाय के कुछ युवक मंदिर के पास पहुंचे और लाउडस्पीकर बंद करने को लेकर कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। इसके बाद पथराव और फायरिंग शुरू हो गई। इसमें गोली लगने से सुनील (22) पुत्र महिपाल की मौके पर मौत हो गई जबकि पथराव में दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।
घायलों को मेरठ के अजय और आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में सुमन (40) पत्नी श्यामबीर की भी मौत हो गई। गांव में सांप्रदायिक संघर्ष की सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
मुंडाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों पर लाठीचार्ज कर दिया। जानकारी पर भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक संगीतसोम समेत सैकड़ों भाजपाई मौके पर पहुंचे। देर रात तक गांव में तनाव बरकरार था।
डीएम नवदीप रिनवा ने बताया कि मृतक आश्रितों को सहायता राशि दिलाने की हरसंभव कोशिश होगी और आरोपियों पर रासुका की संस्तुति की जाएगी। एसएसपी दीपक कुमार का कहना है कि एसओ मुंडाली वसीम खान को सस्पेंड कर दिया है और लापरवाही की जांच कराई जा रही है।
आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही हैं और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है।