दलितों के वोट से तय होगी जीत
उप चुनाव में दलित मतदाताओं ने भी मतदान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है। दोनों ही दलों की ओर से दलितों का मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर जोर दिया गया। दलितों में खटीक और धोबी समाज का रुझान भाजपा की ओर दिखा। लेकिन दलित वर्ग में जाटव मतदाता सबसे अधिक हैं। जाटव मतदाताओं का दोनों ही दलों की ओर रुझान दिखा। दलितों का मत जिसे अधिक मिलेगा बाजी उसी के हाथ लगेगी।
सेंधमारी का पूरा प्रयास
उप चुनाव में भाजपा ने जहां यादव, मुस्लिम और ठाकुर वोट बैंक में सेंधमारी का प्रयास किया। वहीं, सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह ने मतदान के दिन तक राजभर, निषाद, ब्राह्मण, कुर्मी और वैश्य वर्ग के वोट बैंक में सेंध लगाने की हर संभव कोशिश की।
मतदान के प्रति 2019 जैसा ही रुझान
घोसी विधानसभा उपचुनाव में इस बार भी मतदाताओं का मतदान के प्रति रूझान 2019 उप चुनाव की तरह ही रहा है। 2019 में हुए उप चुनाव में घोसी में 51.93 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार भी मतदान हुआ है। वहीं 2017 विधानसभा चुनाव में घोसी में 58.89 और 2022 विधानसभा चुनाव में 58.59 प्रतिशत मतदान हुआ था।