शिक्षिका ने लिखा है कि संगठन के पदाधिकारी अधिकारियों की शह पर विद्यालय छोड़कर घूमते रहते हैं। वे महिला शिक्षकों को चिह्नित कर खंड की जांच शिक्षाधिकारी को जानकारी देते हैं। इसके बाद खंड शिक्षाधिकारी उन महिला शिक्षकों के विद्यालय का निरीक्षण करते हैं। फिर दलालों से एक दिन की अनुपस्थिति पर 1500 रुपये, एक सप्ताह न आने पर 4500 रुपये की मांग करते हैं।
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दोनों पदाधिकारी कई वर्षों मिलकर महिला शिक्षिकाओं को डराते-धमकाते हैं और अधिकारियों के पास भेजते हैं। शिक्षिका ने लिखा है कि उसने अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए इन तीनों को पांच हजार रुपये दिए से उसके थे। उसने दोषियों के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
बीएसए शालिनी श्रीवास्तव ने कहा कि जिलाधिकारी को शिकायत मिली थी। मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है। पुलिस भी प्रकरण की जांच कर रही है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।