उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में लोक सेवा आयोग के आरक्षण नियमों में बदलाव को लेकर मचा बवाल ठंडा नहीं पड़ रहा है। उपद्रव और तोड़फोड़ में गिरफ्तार हुए 22 छात्रों में 20 ने जेल में भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
दो अन्य छात्रनेता भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। बृहस्पतिवार रात आंदोलनकारी छात्रों ने खाना-पीना छोड़ दिया। जेल अधीक्षक अम्बरीश गौड़ छात्रों से मिलने पहुंचे तो छात्रों ने भूख हड़ताल का ऐलान करते हुए लिखित सूचना दे दी।
भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का कहना है कि उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाया गया है। छात्रों के भूख हड़ताल पर जाने से प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में आरक्षण नियमों में बदलाव को लेकर बड़े पैमाने पर आंदोलन चल रहा है। 22 जुलाई को आंदोलनरत छात्रों ने सलोरी में तोड़फोड़ की थी। पुलिस ने 22 छात्रों को गिरफ्तार किया था।
बाद में छात्रों पर कई संगीन धाराएं जोड़ी गईं। गिरफ्तार छात्रों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में नैनी सेंट्रल जेल भेजा गया था। बृहस्पतिवार दोपहर तक छात्रों ने खाना खाया।
दोपहर में शहर के तमाम छात्र जेल में छात्रों से मिलने पहुंचे। इसके बाद रणनीति बनी और शाम को छात्रों ने भूख हड़ताल का ऐलान कर दिया। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के साथ छात्र संघ महामंत्री अभिषेक सिंह माइकल और छात्रनेता अच्युतानंद शुक्ला भी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
ये दोनों पहले से ही जेल में बंद थे। छात्रों ने अधीक्षक को लिखित में दिया कि वह अभिषेक सिंह माइकल के नेतृत्व में भूख हड़ताल शुरू कर रहे हैं। उन्होंने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि वह अदालत का सम्मान करते हैं लेकिन छात्रों को फंसाने के लिए जबरन संगीन धाराएं लगाई गई हैं।
तोड़फोड़ में गिरफ्तार हुए शिवेंद्र सिंह और एहसान भूख हड़ताल में शामिल नहीं है। शिवेंद्र के हाथ में फैक्चर है उसे दवा खानी है जबकि एहसान का कहना है कि वह टेंपो चालक है, उसे जबरन पकड़ा गया।
जेल अधीक्षक अम्बरीश गौड़ ने बताया कि बृहस्पतिवार रात में छात्रों ने खाना नहीं खाया, उन्होंने लिखित में बताया है कि वह भूख हड़ताल पर हैं। ऐसा करने वाले छात्रों को नोटिस जारी की जा रही है। सभी पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
दंडनीय अपराध का नोटिस देगा जेल प्रशासन
आंदोलनरत छात्रों के भूख हड़ताल पर चले जाने से जेल प्रशासन में भी हड़कंप है। बृहस्पतिवार रात जेल प्रशासन ने शासन, जिला प्रशासन को मौखिक सूचना दे दी। शुक्रवार को आगे की विधिक कार्रवाई होगी। जेल प्रशासन छात्रों को नोटिस जारी करेगा।
नोटिस के माध्यम से छात्रों से कहा जाएगा कि भूख हड़ताल दंडनीय अपराध है, इसमें एक साल की सजा हो सकती है। छात्रों के फैसले के बाद जेल प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा।