उत्तर प्रदेश सरकार सूबे में चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत करने के लिए 55 सौ नए चिकित्सकों की भर्ती करने जा रही है।
लोक सेवा आयोग के माध्यम से चिकित्सकों की सीधी भर्ती होने के बाद चिकित्सालयों और स्वास्थ्य केंद्रों पर इनकी उपलब्धता हो सकेगी।
प्रदेश के चिकित्सा और स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने बताया कि इस भर्ती के प्रस्ताव को लोक सेवा आयोग को भेज दिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि पैरा मेडिकल स्टाफ, नर्स, मिडवाइफ और अन्य कर्मचारियों के रिक्त पदों पर भी जल्दी ही भर्ती की जाएगी।
उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्धता करने के लिए उनसे उनके द्वारा प्रतिदिन देखे गए मरीजों और किए गए ऑपरेशनों आदि की हर दिन की रिपोर्ट प्रति महानियंत्रक अधिकारी के जरिए महानिदेशक को माह की दस तारीख तक भेजा जाना सुनिश्चित किया जा रहा है।
इस संबंध में बृहस्पतिवार को शासनादेश भी जारी कर दिया गया। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों द्वार ओपीडी रजिस्टर व दैनिक डायरी को नियमित रूप से नहीं भरा जा रहा है और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इसकी समीक्षा नहीं की जा रही है।
कई चिकित्सक लंबी अवधि तक अपनी तैनाती के स्थल से अनुपस्थित रहते हैं पर उनकी अनुपस्थिति के संबंध में अधिकारियों द्वारा सूचना नहीं दी जाती है।
मंत्री ने कहा है कि चिकित्सकों द्वारा किए जा रहे कार्य की प्रभावी व नियमित समीक्षा किए जाने के उद्देश्य से एनआरएचएम के अंतर्गत अनुबंध पर कार्यरत सभी चिकित्सक, जो विभिन्न चिकित्सा केंद्रों अस्पतालों आदि में कार्यरत हैं, ऐसे सभी चिकित्सकों को अनिवार्य रूप से डायरी भरना होगा।
मंत्री ने कहा है कि जो चिकित्सक पांच तारीख तक नियंत्रक अधिकारी को सूचना उपलब्ध नहीं कराएंगे, ऐसे चिकित्सकों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी और उनका अगले माह का वेतन रोक दिया जाएगा।