उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में आसाराम बापू पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली लड़की के पिता ने कहा है कि आसाराम की शिष्या पूजा बेन ने उनके घर आकर पत्नी के पैर पकड़कर कहा कि उनसे गलती हो गई है माफ कर दो।
उन्होंने कहा कि मुझसे भी मिलने का दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन वह किसी भी कीमत पर दबाव में आने वाले नहीं, चाहे उनकी जान ही क्यों न चली जाए।
उन्होंने कहा कि आसाराम संत नहीं शैतान हैं। उनके रुद्रपुर गांव में स्थित आश्रम में अब सत्संग नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर आसाराम को यह सब साजिश लग रही है तो वह सीबीआई जांच करा लें। जांच में यदि वह दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें फांसी दे दी जाए, नहीं तो आसाराम को फांसी पर चढ़ा दिया जाए।
लड़की के पिता ने कहा कि पहले अंधविश्वास में उनकी आंखें बंद थीं, लेकिन अब इतना बड़ा धोखा खाकर आंखें खुल चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि गर्मियों की छुट्टियों में आसाराम ने गुरुकुल की छात्राओं को हरिद्वार बुलवाया था। वहां उसने छात्राओं से आपत्तिजनक ढंग से हालचाल पूछा था। तब उन्हें हल्की सी आशंका हुई थी लेकिन वह नहीं जानते थे कि संत के वेश में शैतान लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहा है।
इस बीच, पीड़ित लड़की के घर पर पहरा कड़ा कर दिया गया है। उसके घर पर एक इंस्पेक्टर, चार सिपाही और दो महिला सिपाही तैनात कर दिए गए हैं। पार्टी के नगर विधायक सुरेश कुमार खन्ना ने बुधवार की सुबह पीड़ित लड़की के पिता से उनके घर जाकर मुलाकात की।
आसाराम के विरोध में स्वर मुखर होने लगे हैं। मोहल्ले वालों ने बुधवार को आसाराम के चित्रों पर जूते बरसाए और फांसी की मांग के नारे लगाए।
संत आसाराम की प्रवक्ता पर केस दर्ज
अमृतसर। संत आसाराम की प्रवक्ता के खिलाफ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने मामला दर्ज करवाया है। इससे पहले एसजीपीसी की ओर से एक ज्ञापन पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख को दिया गया था। कानूनी विशेषज्ञों की राय लेने के बाद पुलिस ने आसाराम की प्रवक्ता नीलम दूबे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
दूबे पर सिखों की धार्मिक भावनाएं भड़काने और उनकी भावनाओं से खिलवाड़ किए जाने के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसजीपीसी के पदाधिकारियों की ओर से पुलिस कमिश्नर को वह सबूत भी सौंपे गए जिस के तहत नीलम दूबे के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाना बनता है। उन्होंने कहा कि दूबे की ओर से संत आसाराम की तुलना गुरु नानकदेव और संत कबीर के साथ की है, जिसे सिख कौम कभी भी सहन नहीं कर सकता।