रामपुर बुशहर। छात्रहित के विभिन्न मुद्दों को लेकर रामपुर युवा कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने दो दिवसीय भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इसमें युकां और छात्र संगठन ने कोरोना महामारी के कारण परिवार खो चुके छात्रों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध करवाने की मांग उठाई है। मंगलवार को अपनी इन मांगों को लेकर कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय के बाहर हड़ताल पर बैठ गए हैं। कार्यकर्ताओं ने चेताया कि अगर सरकार मांगों को लेकर उचित कार्रवाई नहीं करती तो आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
कोरोनाकाल में सबसे अधिक प्रभाव शिक्षा जगत पर पड़ा है। महामारी से जहां छात्रों की नियमित कक्षाएं बंद हो गई हैं, वहीं छात्रों पर पढ़ाई का बोझ भी काफी बढ़ गया है। युवा कांग्रेस रामपुर अध्यक्ष गौरव ठाकुर ने कहा कि संपूर्ण युवाओं के हित हो देखते हुए इस वैश्विक महामारी में उन्हें प्रमोट करने की आवश्यकता है। बेहतर दूर संचार सेवाओं से महरूम कई ग्रामीण इलाकों के छात्रों की शिक्षा बुरी तरह से प्रभावित हो गई है। वहीं युवाओं की पूर्ण रूप से टीकाकरण भी नहीं हो पाया है।
युकां और एनएसयूआई ने हिमाचल प्रदेश के सभी अंतिम वर्ष के छात्रों को यूजी और पीजी सरकारी, निजी कॉलेज, एचपीटीयू पॉलिटेक्निक कॉलेज सभी के छात्रों को प्रमोट करने या फिर ऑनलाइन परीक्षाएं करवाने, प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों को प्रमोट करने, जिन छात्रों ने इस महामारी में अपने परिवार को खोया है, उनकी आगे की पढ़ाई निशुल्क करवाने और सभी छात्रों को प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण करने की मांग उठाई है।
अध्यक्ष ठाकुर ने कहा कि राज्य कार्यकारिणी के निर्देशानुसार भूख हड़ताल के बाद की रणनीति तैयार की जाएगी। सोमवार को भूख हड़ताल पर युकां पूर्व सचिव जॉनी कायथ, अश्विनी शर्मा, तरुण कायथ, विक्रम राणा, परीक्षित बिष्ट, विक्रांत चौहान, शैलेश बिष्ट और सुरेंद्र शर्मा बैठे हैं।