रामपुर। जिले में इस लहर में बुधवार तक 298 संक्रमितों की पुष्टि की जा चुकी है। इनमें से करीब 59 फीसदी से अधिक 18 से 40 साल आयु वाले हैं तो करीब पांच फीसदी बच्चे, करीब आठ फीसदी किशोर और करीब छह फीसदी बुजुर्ग संक्रमण की चपेट में आए हैं। अब तक आंकड़ों से साफ जाहिर कोरोना संक्रमण की चपेट में सर्वाधिक युवा ही आएं हैं और बुजुर्गों की तुलना में किशोर अधिक चपेट में आए हैं।
जिले में कोरोना की इस लहर में 19 दिसंबर को पहला मामला सामने आया था। इसके बाद से लेकर बुधवार तक कुल 298 संक्रमित सामने आ चुके हैं। इनमें करीब 179 संक्रमित 18 से 40 साल आयु वर्ग के हैं। इसके साथ ही 41 से 59 साल आयु वर्ग के करीब 64, बालक वर्ग में 15, किशोर वर्ग में 23 और साठ साल से अधिक आयु वाले 19 लोग हैं। आंकड़े साफ बयां कर रहे हैं कि कोरोना संक्रमण का जोखिम युवा वर्ग पर सबसे अधिक है। इसके कई कारण हो सकते हैं। युवाओं का कार्यक्षेत्र से लेकर शिक्षा तक के लिए घर से बुजुर्ग, किशोर और बच्चों की तुलना में अधिक बाहर निकलना। घर से बाहर रहने के कारण युवा अन्य लोगों के संपर्क में भी अधिक आते हैँ। चूंकि बच्चे-बुजुर्ग अधिकतर घर में ही रहते हैं, जिस कारण बुजुर्ग और बच्चे कम संक्रमित हुए हैं। इनमें भी अधिकतर मामले ऐसे हैं जो संपर्क में आए हैं या फिर उनकी ट्रेवल हिस्ट्री है।