आलियागंज में पुलिस की नाकाबंदी है। गांव के अंदर, बाहर पुलिस-पीएसी ने छावनी सी स्थिति बना रखी है। गांव में पूरी तरह सन्नाटा पसरा है। गांव में पुलिस के घुसने के बाद पुरुष, युवक घर छोड़कर दूर जंगल और पड़ोसी गांवों में जा छिपे हैं।
प्रभारी जिलाधिकारी अमित किशोर (सीडीओ) ने मकान तोड़े जाने के एवज में मकान निर्माण के लिए जमीन और लोहिया आवास देने आदि के समझौते के लिए गांव में पुरुषों को बुलवाया तो कोई भी पुरुष नहीं मिला। महिलाओं के साथ बच्चे ही घरों में बचे हैं। गांव की गलियों में पुलिस, पीएसी नजर आ रही थी तो कभी कभार पशुओं को पानी पिलाने, अथवा दरवाजों पर किसी अन्य जरूरी काम पर ही दरवाजे खुल रहे थे। बवाल शांत होने के बाद पुलिस, पीएसी ने एक एक घर को खंगाला लेकिन वहां पर न कोई युवक मिला और न पुरुष।
दरअसल अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर पत्थर पड़ने के बाद पुलिस ने गांव में सर्च अभियान शुरू किया। इस दौरान पकड़ में आए लोगों की जमकर पिटाई की। यह देख अन्य लोग गांव छोड़ निकल भागे। पुलिस की पिटाई से महिलाओं में चीख पुकार मच गई थी। इससे ग्रामीण खौफजादा हो गए। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया है।