गांव की तमाम महिलाओं ने पुलिस के खौफ से रात अपने बच्चों के साथ जंगल में गुजारी। रुखसाना, शहाना, सलमा ने कहा कि पुलिस सबको बुरी तरह मारपीट रही थी। रात में फिर मारती-पीटती।
बच्चों को मारती... इसी डर से बच्चों को साथ लेकर गांव से दूर जंगल में वह लोग चली गई थी। रात जंगल में ही काटी। बच्चों को सुला दिया। खुद पूरी रात जागती रही। पुलिस की दहशत में नींद ही नहीं आई।
सुबह हुई तो गांव वापस लौटीं। दिन में भी उन्हें डर था कि महिला पुलिस आएगी... अब उन लोगों को मारे-पीटेगी। इसी डर के कारण रातभर महिलाएं बच्चों को लिए जंगल में पड़ी रहीं।