रामपुर। प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति अभियान तृतीय चक्र में छात्राओं को आत्म सुरक्षा के लिए प्रशिक्षण विषय पर हुई बेविनार में कहा गया कि महिलाओं को आत्म निर्भर होने के साथ अपनी सुरक्षा करने के लिए जागरूक होना चाहिए।
रविवार को हुई बेविनार में मुख्य वक्ता फिटनेस हब की महिला प्रशिक्षक महजबी सुल्ताना ने छात्राओं को आत्मरक्षा की तकनीक बताई। उन्होंने बताया कि छात्राएं पैन, पैंसिल, इत्यादि छोटी- छोटी वस्तुओं को अपनी सुरक्षा में उपयोग कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि सभी महिलाओं को आत्मनिर्भर भी होना चाहिए और कहीं भी अपनी बात रखने में संकोच नहीं करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि बीएड संकाय प्रभारी डॉ. प्रवेश कुमार ने कहा कि हमें छात्राओं के साथ-साथ छात्रों को भी आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित करना चाहिए, जिससे की समाज में समानता आए और सामाजिक शांति स्थापित हो सके। उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया कि शिक्षा मे विकास के साथ- साथ महिलाओं के प्रति हिंसा के ग्राफ में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि 2009 से 2020 के बीच इस तरह के अपराधों में पांच गुना वृद्धि हुई है। इस तरह की समस्याओं से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन तथा समाज को अति संवेदनशील होने की जरूरत है। साथ ही उन तकनीकों पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, जो गर्भावस्था में लैंगिक पहचान करती हैं। इस दौरान प्राचार्य डॉ. पीके वार्ष्णेय, अंग्रेजी विभाग की चीफ प्राक्टर डॉ. विनीता सिंह, डॉ. मीनू चौधरी, डॉ. दीपा अग्रवाल, डॉ. अमीन उद्दीन अंसारी, डॉ. संतोष यादव समेत छात्राओं ने बेवीनार में हिस्सा लिया।