रामपुर। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अंजू चौधरी ने जिला चिकित्सालय, जिला कारागार, शिशु सदन एवं ताशका मझरा स्थित समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। अफसरों को महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों को लेकर जीरो टॉलरेंस के साथ कार्य करने के निर्देशित किया।
लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में जनसुनवाई के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं के विरुद्ध किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा, तलाक, दहेज आदि उत्पीड़न की समस्याओं पर समुचित कार्रवाई की जाए तथा महिलाओं को परामर्श एवं विधिक सहायता दिलाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बलात्कार, अपहरण, एसिड अटैक और यौन हिंसा से पीड़ित महिलाओं के संबंध में तत्काल अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि महिला आयोग महिला उत्पीड़न के मामलों पर बेहद गंभीर है, इसलिए महिलाओं की समस्याओं का विशेषकर उत्पीड़न के मामलों में जीरो टॉलरेंस अपनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि गरामीण अंचलों में रह रही महिलाओं को जागरूक करें, क्योंकि ग्रामीण अंचलों में महिलाओं में जानकारी का अभाव रहता है, इसलिए ग्रामीण अंचलों में सेमिनार, गोष्ठियां व अन्य कार्यक्रमों का आयोजन कर महिलाओं को आयोग द्वारा संचालित महिला हेल्पलाइन नम्बर सहित विभिन्न जानकारियां प्रदान की जाए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न मामलों की सुनवाई की तथा निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। तत्पश्चात उपाध्यक्ष ने जिला महिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान इमरजेंसी वार्ड, ओपीडी डिलीवरी कक्ष, अल्ट्रासाउंड, आईसीयू, बच्चा वार्ड, पूछताछ सहायता केन्द्र आदि का निरीक्षण किया। इस दौरान साफ सफाई की व्यवस्था के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित करते हुए कहा स्वच्छ हवा के आवागमन के लिए खिड़कियां खोली जाएं तथा अस्पताल में मरीजों के साथ आए तीमारदारों की अनावश्यक भीड़ न हो। उन्होंने कहा कोरोना वायरस जैसी घातक बीमारी से निपटने के लिए आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया जाए तथा सूचकांक बोर्ड भी तैयार कर लिया जाए। उपाध्यक्ष ने जिले में जारी किए गए गोल्डन कार्ड के बारे में भी पूछताछ की, जिस पर बताया गया कि जनपद में 80 हजार गोल्डन कार्ड अभी तक बनाए गए हैं एवं कोरोना वायरस से निपटने के लिए आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया है। इस दौरान उन्होंने मरीजों से अस्पताल से दी जा रही सुविधाओं के बारे में पूछताछ की। जिला कारागार पहुंचकर महिला बंदियों से पूछताछ की एवं बंदियों के लिए बनाए जा रहे हैं भोजन की गुणवत्ता भी देखी। इसके बाद शिशु सदन पहुंचकर बच्चों को दिए जा रहे मध्याहन भोजन की गुणवत्ता भी देखी। उन्होंने भोजन की बर्बादी को देखकर रसोइयां को फटकार लगाते हुए कहा कि बच्चों को भोजन उतना ही दिया जाए, जितना वो खा सकें, जिससे अन्न की बर्बादी न सके। उन्होंने बच्चों से भोजन की गुणवत्ता के बारे में भी पूछताछ की तथा उन्होंने शिशु सदन अधीक्षक राकेश कुमार से बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी प्राप्त की तथा कहा कि बच्चों को मच्छरों से बचाव के लिए रात्रि में मच्छरदानी का भी प्रयोग किया जाए, जिससे बच्चे सुरक्षित रहे तथा बीमार न पड़ें। इसके बाद वृद्घाश्रम पहुंच गईं। उन्होंने भण्डार गृह, रसोई एवं वृद्धजनों द्वारा उपयोग में लाए जा रहे कमरों के निरीक्षण के दौरान खाद्य सामग्री का रख-रखाव अव्यस्थित पाया गया, जिस पर उन्होंने प्रबन्धक से नाराजगी व्यक्त की। आश्रम में रहने वाले वृद्धजनों की उपस्थिति पंजिका का अवलोकन करते हुए उपस्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। वृद्धाश्रम में निवास करने वाले वृद्धजनों से उन्होंने वृद्धा पेंशन के बारे में पूछताछ की। उन्होंने कहा कि वृद्धाश्रम में आवास कर रहे वृद्धजनों को किसी भी प्रकार की समस्याएं नहीं होनी चाहिए तथा उन्हें सभी सुविधाएं प्रदान की जाएं। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुबोध कुमार शर्मा, जेल अधीक्षक पीडी सलोनिया, क्षेत्राधिकारी विद्या किशोर शर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी राजेश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी जगतभूषण श्रीवास, महिला थानाध्यक्ष उपस्थित रहे।