रामपुर। सपा नेता आजम खां से जुड़े दो मामलों में दायर अपीलों पर एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट शनिवार को फैसला सुना सकती है। इनमें तत्कालीन डीएम को गलत शब्द बोलने के मामले में हुई सजा के खिलाफ दायर अपील तथा भड़काऊ भाषण मामले में बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ दायर अपील शामिल हैं। संवाद
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केस संख्या-1
डीएम को गलत शब्द बोलने के मामले में फैसला संभव
यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान का है। चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए बयान को लेकर थाना भोट में तत्कालीन एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने 16 मई 2026 को आजम खां को दोषी ठहराते हुए दो वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
इस निर्णय के खिलाफ आजम खां ने एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में अपील दाखिल की। एडीजीसी सीमा राणा के अनुसार मामले में बहस पूरी हो चुकी है और कोर्ट 18 जुलाई को फैसला सुना सकती है।
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केस संख्या-2
भड़काऊ भाषण मामले में अपील पर भी आज आ सकता है फैसला
आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता फैसल खां लाला ने दो अप्रैल 2019 को शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि 29 मार्च 2019 को सपा कार्यालय में दिए गए भाषण के दौरान आजम खां ने भड़काऊ बयान दिए थे। इस मामले में चुनाव आचार संहिता उल्लंघन और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था।
एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने 18 दिसंबर 2025 को साक्ष्यों के अभाव में आजम खां को बरी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ फैसल खां लाला ने सेशन कोर्ट में अपील दायर की। उन्होंने बताया कि मामले में बहस पूरी हो चुकी है और शनिवार को फैसला आने की संभावना है।
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आरपीएस मामले में 21 जुलाई को होगी सुनवाई
सपा नेता आजम खां समेत अन्य लोगों के खिलाफ रामपुर पब्लिक स्कूल (आरपीएस) की फर्जी तरीके से मान्यता लेने के मामले में निर्धारित सुनवाई नहीं हो सकी। अब मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।