रामपुर। नवाब के कोठी खासबाग की कुल कीमत एक हजार करोड़ रुपये अधिक निर्धारित की जा सकती है। कोठी खासबाग की जमीन का मूल्य निर्धारित करने की प्रक्रिया चल रही है। सर्किल रेट के आधार पर खासबाग की जमीन का मूल्य निर्धारित किया जाना है। हालांकि इसका बाजार मूल्य अधिक हो सकता है, क्योंकि खासबाग शहर के बीचो बीच स्थित है।
रामपुर के आखिरी नवाब रजा अली खां ने रियासत के विलय के वक्त कुछ अचल संपत्ति अपने पास रख ली थी, जिसमें बहुमूल्य कोठी खासबाग भी शामिल है। यह कोठी 1930 में बनकर तैयार हुई थी। हालांकि देखरेख के अभाव में कोठी जर्जर हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग ने कोठी की कीमत लगभग 27 करोड़ रुपये निर्धारित की है। अब इसकी जमीन की कीमत का निर्धारण किया जाना है। कीमत निर्धारण कर इससे संबंधित रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत की जानी है। सर्किल रेट के आधार पर जमीन की कीमत निर्धारित की जानी है। कोठी खासबाग की लगभग 350 एकड़ जमीन रामपुर के तीन गांवों घाटमपुर, मंसूरपुर और पट्टी छोटे तक फैली हुई है। हालांकि इन इलाकों का सर्किल रेट अपेक्षाकृत कम है। इसके बाद कोठी की जमीन की कीमत एक हजार करोड़ के पार जा सकती है। एडवोकेट कमिश्नर अरुण प्रकाश सक्सेना का कहना है कि अभी जमीन की कीमत निर्धारित करने का कार्य चल रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही अधिकृत तौर पर यह बताया जा सकेगा कि जमीन की कीमत कितनी है।