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वैक्सीन के सुरक्षा कवच ने कम कर दिया जान का जोखिम

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रामपुर। जिले में कोरोना की पहली और दूसरी लहर बेहद घातक साबित हुई थी। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में लोग ऑक्सीजन की कमी से जूझते रहे और कई लोगों की जान भी चली गई। अब टीकाकरण निरंतर जारी है। ऐसे में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर उतनी घातक साबित नहीं हुई है। जिले में अब तक 2287 मरीज सामने आ चुके हैं, जिसमें अब तक अस्पताल में 19 मरीज ही भर्ती हुए हैं। अधिकांश मरीज होम आइसोलेशन में ही ठीक हो चुके हैं। इसको लेकर माना जा रहा है कि टीका लगा होने से कोरोना संक्रमित की जान जोखिम में नही है।
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कोरोना की पहली और दूसरी लहर ने जिले में कहर ढाया था। जिसमें लोगों को ऑक्सीजन से लेकर सांस या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या सामने आई थी। इस दौरान पहली और दूसरी लहर में 148 लोगों की जान तक चली गई। इसके बाद 16 जनवरी 2020 को जिले में टीकाकरण की शुरुआत हुई थी। जिसमें पहले स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन डोज दी गई। इसके बाद फरवरी से फ्रंटलाइन वर्कर और मार्च से बुजुर्गों का और जुलाई से युवाओं का टीकाकरण भी शुरू हो गया। वहीं, इस साल तीन जनवरी से किशोरों के टीकाकरण की शुरुआत की गई। इसके बाद जिले में 19 दिसंबर को एक बार फिर कोरोना का मरीज सामने आया। जिसके बाद जिले में कोरोना के संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ता गया। लेकिन, इस लहर में कोरोना के बचाव का टीका लगा होने के कारण मरीजों को ऑक्सीजन ,सांस या अन्य कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या सामने नहीं आ रही है। जो अच्छा संकेत माना जा रहा है। जिले में अब तक 2287 कोरोना के मरीज सामने आ चुके है। जिसमे से केवल 19 लोगों को ही अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। वही, सामने आए मरीजों में केवल एक संक्रमित की ही मौत हुई है। जबकि पहली और दूसरी लहर में 148 लोगों को जान गवानी पड़ी थी।
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