रामपुर। पूरे देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर चल रही है। कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में कई लोग आ रहे हैं। संक्रमण की चपेट में आने वाले अधिकांश लोग होम आइसोलेशन की स्थिति में अपना इलाज करा रहे हैं। होम आइसोलेशन में रहने वाले लोग कोरोना संक्रमण से निजात भी पा रहे हैं, लेकिन कुछ लोग खुद से या किसी के कहने पर दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे संक्रमण की स्थिति बिगड़ जाने की आशंका है। ऐसे में डॉक्टरों की सलाह है कि चिकित्सक के परामर्श के बाद ही दवाओं का इस्तेमाल करें।
केंद्र सरकार ने भी होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों के लिए जो नई गाइडलाइन जारी की है, उसमें में भी डॉक्टरी सलाह पर ही दवा लेने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर इलाज के तौर तरीकों पर विश्वास न करें। इससे सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। देखने में आ रहा है कि होम आइसोलेशन में रहने वाले लोग खुद ही रेमडेसिविर इंजेक्शन या स्टेरॉयड का इस्तेमाल करने लगते हैं। यह स्थिति खतरनाक हो सकती है, क्योंकि यह डॉक्टर ही बता सकता है कि किस मरीज के लिए रेमडेसिविर या स्टेरॉयड आवश्यक है। मरीज की स्थिति के मुताबिक ही डॉक्टर इन दवाओं का डोज निर्धारित करते हैं।
सीएमओ डॉ. संजीव यादव का कहना है कि होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीज डॉक्टर की सलाह से ही दवा लें। खुद डॉक्टर न बनें। डॉक्टर राजीव अग्रवाल का कहना है कि खुद ही दवा का इस्तेमाल करने से स्थिति बिगड़ सकती है। अगर किसी को कोई परेशानी है तो वह डाक्टर से संपर्क करें और उनकी सलाह के मुताबिक ही दवा का इस्तेमाल करें। किसी मरीज को कोई दूसरी बीमारी है तो उसकी दवा अपने आप बंद न करें। इसको लेकर भी डॉक्टर से सलाह करें।
लक्षण दिखने पर यह करें
- डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर बताएंगे कि आपको हल्का लक्षण है या लक्षण रहित संक्रमण है
- संक्रमित व्यक्ति का पूरा परिवार नियमानुसार 14 दिन क्वारंटीन रहेगा
- रोगी की देखरेख के लिए एक व्यक्ति दिनभर मौजूद रहे, डॉक्टर से लागातार संपर्क में रहें
- 60 वर्ष से अधिक उम्र के मरीज जिन्हें बीपी, मधुमेह, हृदय, किडनी समेत अन्य बीमारियां हैं वे डॉक्टरी सलाह के बाद ही होम आइसोलेशन में रहेंगे
- संक्रमित के संपर्क में रहने वाला हर व्यक्ति डॉक्टरी सलाह के बाद एचसीक्यू दवा खाएगा