भोट (रामपुर)। दिल्ली सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन में शामिल होने जा रहे कार सवार किसानों से कोयला टोल प्लाजा पर टोल वसूली को लेकर कर्मचारियों का विवाद हो गया। विवाद के दौरान किसानों ने टोल कर्मियों पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। सूचना पर अन्य किसान नेता भी मौके पर पहुंच गए। करीब एक घंटे के बाद टोल कर्मियों के माफी मांगने पर किसान शांत हुए। इस दौरान एक ही लेन चालू होने से वाहनों की कतार लग गई।
सोमवार दोपहर बाद बिलासपुर क्षेत्र से कुछ किसान दिल्ली सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन में शामिल होने जा रहे थे। किसानों से भरी एक कार को कोयला टोल प्लाजा कर्मियों ने रोक लिया और टोल वसूली को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। किसानों का कहना था कि वह आंदोलन में शामिल होने दिल्ली जा रहे हैं। वहीं, टोल कर्मियों का कहना था कि दिल्ली आंदोलन में शामिल होने जा रहे किसानों की किसान यूनियन की सदस्यता कार्ड या आधार कार्ड दिखाने पर ही छूट का लाभ दिया जा सकता है।
इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर किसान टोल कर्मियों पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे व भाकियू अंबावता के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष हनीफ वारसी को फोन पर सूचना दी। थोड़ी ही देर में हनीफ वारसी तमाम कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने टोल प्लाजा मैनेजर से वार्ता कर किसानों से अभद्रता पर रोष जताया। काफी देर तक किसान नेताओं व टोल प्लाजा मैनेजर से वार्ता के बाद टोल कर्मी द्वारा माफी मांगे जाने पर किसान शांत हुए।
हंगामे के दौरान दिल्ली की ओर वाली एक ही लेन में टोल वसूली के कारण वाहन वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसे वाहन सवारों को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं, टोल प्लाजा मैनेजर मुन्ना यादव ने बताया कि कार सवार लोगों से टोल वसूली को लेकर किसान हंगामा करने लगे थे। किसान नेताओं से वार्ता होने के बाद मामला शांत हो गया।