सैफनी। नगर के वाल्मीकि मोहल्ले में बच्चों के विवाद में हुए खूनी संघर्ष में बीच-बचाव कराने पहुंची 60 वर्षीय लक्ष्मी देवी की मौत के मामले में बुधवार को परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने पुलिस कार्रवाई से नाराज होकर थाने के बाहर हंगामा किया।
सैकड़ों लोग वृद्धा का शव लेकर थाने पहुंचे और शव बाहर रखकर हत्या की धारा बढ़ाने के साथ घटना में शामिल अन्य आरोपियों के नाम मुकदमे में शामिल कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की।
पौत्र तुषार समेत परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने मामूली धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर खानापूरी की है, जबकि मारपीट में लगी गंभीर चोटों के कारण ही लक्ष्मी देवी की मौत हुई है। हंगामे की सूचना पर पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई और थाने के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। काफी देर तक वहां अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
मामला बढ़ता देख प्रभारी निरीक्षक पंकज पंत ने परिजनों और मोहल्ले के लोगों से बातचीत की। उन्होंने निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मुकदमे में हत्या की धारा तरमीम की जाएगी।
साथ ही मुकदमे में बताए गए अन्य नामों को शामिल कर प्रकाश में आने वाले सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। प्रभारी निरीक्षक के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए और शव को अंतिम संस्कार के लिए घर ले गए।
प्रभारी निरीक्षक पंकज पंत ने बताया कि कुछ लोग मुकदमे में नाम बढ़ाने और कार्रवाई की मांग को लेकर थाने आए थे। बताए गए नाम मुकदमे में शामिल किए जा रहे हैं। सीओ देवकीनंदन ने बताया कि मामले में निष्पक्ष और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।