शादी के दिन दहेज में तीन लाख रुपये की मांग पूरी नहीं होने पर दूल्हे और उसके परिवार ने फेरे रुकवा दिए। इसके बाद वह बरात वापस ले गए। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने दूल्हे सहित तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। घटना टांडा थाना क्षेत्र के एक गांव की है।
शादी के दिन दहेज तीन लाख रुपये की मांग पूरी नहीं होने पर वर-वधू को फेरे लेने से दूल्हे पक्ष के लोगों ने रोक दिया। शादी से इन्कार करने पर दुल्हन पक्ष के होश उड़ गए। दूल्हे पक्ष को मनाने की पूरी कोशिश हुई, लेकिन वह नहीं माने और बरात लेकर लौट गए।
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जिस पर वधू के पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने दूल्हे सहित तीन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली और शनिवार को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला टांडा थाना क्षेत्र के गांव का है। दुल्हन के पिता का कहना है कि उसने अपनी बेटी की शादी गांव बिचपुरी निवासी सोनू से तय की थी।
जिसमें 12 फरवरी की रात को टांडा स्थित एक बरात घर में सोनू बरात लेकर आ गया। शादी के सारे कार्यक्रम होने के बाद जब फेरों का समय आया तो दूल्हे सोनू, उसके पिता श्यामलाल, बहनोई चमन सिंह ने कहा कि लगन में पांच लाख रुपये देने तय हुए थे, लेकिन अब तक उन्हें दो लाख रुपये ही मिले।
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बाकी के तीन लाख रुपये जब तक उन्हें नहीं मिलेंगे तब तक फेरे नहीं होंगे। लड़की के पिता तथा शादी में आए मेहमानों ने दूल्हे पक्ष के लोगों को बहुत समझाया, लेकिन वह तैयार नहीं हुए और बरात वापस लेकर चले गए। बरात के वापस लौटने पर परिवार के लोग सदमे में हैं।
पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने दूल्हे सहित तीन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली। जिसके बाद शनिवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जमीन बेचकर बेटी की शादी कर रहा था पिता
पीडि़त पिता ने बताया कि उन्होंने बेटी की शादी के लिए जमीन बेचकर पैसे जुटाए थे और शादी में उन्होंने करीब 12 लाख रुपये का खर्चा किया था। मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। दूल्हे ने शराब के नशे में सभी लोगों के साथ गाली-गलौज भी की थी।