जमानत के पैसे और जमानती भी नहीं मिले
मनोज बेहद निर्धन परिवार से था। उसके चार भाई और एक बहन हैं। पिता का निधन हो चुका है। दो भाई और बहन की शादी हो चुकी है। पुलिस ने जब आरोपी भाई के एवज उसे पकड़ कर शांतिभंग में चालान किया तो एसडीएम कोर्ट में जमानत कराने के लिए जमानती भी नहीं मिल पाए। वकील का मेहनताना भी देने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे। सोमवार को उसे जमानती पेश करने थे, लेकिन घटनाक्रम से आहत होकर अपनी जान दे दी।
नवाबनगर का मझरा गांव में मनोज और विनेश के बीच मछली मारने को लेकर विवाद हुआ था जिसके चलते दोनों का शांतिभंग में चालान हुआ। मनोज के भाई द्वारा विवाहिता से की गई छेड़छाड़ के मामले में मनोज का न तो नाम था और न ही चालान किया गया। मनोज के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने के बाद उसकी मौत का कारण पता चलेगा। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। - अतुल कुमार पांडेय, सीओ, स्वार