लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट से भागे सोना तस्करी के 29 आरोपियों को पकड़ने के लिए शुक्रवार को दूसरे दिन भी कस्टम विभाग की टीम ने टांडा में छापा मारा। आरोपियों की तलाश में कस्टम विभाग की टीम टांडा में ही डेरा डाले है।
टांडा में सोना और सिगरेट तस्करी की जड़े बहुत गहरी हैं। पैसों का लालच देकर और विदेश घूमने की चाह में बेरोजगारों को सोना तस्कर बनाया जा रहा है। टांडा में एक दर्जन के करीब टीमें सोना तस्करी में शामिल हैं, जिनसे सैकड़ों युवा जुड़े हैं।
टीम में दर्जनों लोग रुपये इकट्ठा कर सिगरेट लाने की प्लानिंग करते हैं। करोड़ों रुपये इकट्ठा कर सोना तथा सिगरेट तस्करी का काला कारोबार शुरू हो जाता है। जिसमें नगर के बेरोजगार युवाओं को दुबई, शारजाह जैसे विकसित देशों में घूमने या मक्का और मदीना जैसे मुकद्दस जगहों पर जाकर उमराह करने समेत 20 से 30 हजार रुपये के लालच में सोना और सिगरेट, गुटखा की तस्करी करने चले जाते हैं।
अपनी जान जोखिम में डाल कर सोने के कैप्सूल निगलकर लाना शुरू कर देते हैं। भारत आने पर कस्टम अधिकारियों से सांठगांठ कर सिगरेट, गुटखा तस्करी की आंड़ में सोना भी लाते हैं।
नगर में सोना और सिगरेट गुटखा तस्करी का काम एक दिन में परवान नहीं चढ़ा है। वर्षों से टांडा के लोग इस काम से जुड़े हैं। दुबई से लाया हुआ गुटखा टांडा लाकर उसे फिर से सऊदी अरब को भेजा जाता है।
सऊदी अरब में मादक पदार्थों पर प्रतिबंध होने के कारण दुबई में सस्ते दामों में मिलने वाला गुटखा सऊदी अरब में 10 गुना से भी अधिक ज्यादा कीमत पर बेचा जाता है। पकड़े जाने पर इन तस्करों को जेल भी जाना पड़ता है।
नगर के आधा दर्जन के करीब लोग सऊदी अरब की विभिन्न जेलों में कई वर्षों तक बंद रहने के बाद वापस आए हैं। वहीं दुबई की जेल अभी भी टांडा के लोग बंद हैं।