रामपुर विधानसभा सीट पर उप चुनाव होगा या नहीं इस बात का फैसला सुप्रीम कोर्ट फैसले पर निर्भर करेगा। इस बात की पूरी संभावना है कि उप चुनाव के लिए नामांकन दाखिल प्रक्रिया शुरू होने से पहले कोर्ट अपना कोई फैसला सुनाए। उप चुनाव की तैयारी में लगे अलग-अलग दलों के टिकट दावेदारों की नजरें भी अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हुईं हैं। कोर्ट के फैसले के मुताबिक ही वो अपनी रणनीति बनाएंगे।
दरअसल नफरती भाषण देने के एक मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) कोर्ट ने आजम खां को 27 अक्तूबर को तीन साल कैद और छह हजार रुपये जुर्माना अदा किए जाने की सजा सुनाई थी। आजम खां को तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद 28 अक्तूबर को उनको विधायकी को रद्द करते हुए इस सीट को रिक्त घोषित कर दिया।
इसके बाद चुनाव आयोग ने 05 नवंबर को इस सीट पर उप चुनाव कराने का एलान कर दिया। उप चुनाव के कार्यक्रम भी जारी कर दिए गए हैं जिसके तहत 10 नवंबर से नामांकन शुरू होगा और 05 दिसंबर को मतदान होगा। उप चुनाव का एलान होते ही राजनीतिक हल शुरू हो गई और टिकट दावेदारों ने भागदौड़ शुरू कर दी । प्रशासन ने भी अपनी ओर से तैयारी शुरू कर दी गई।
इस बीच आजम खां अपने अधिवक्ता के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की खंडपीठ में याचिका दायर की है। इस बात की संभावना है कि आजम खां की याचिका पर बुधवार को कोर्ट अपना फैसला सुना सकती है।