रामपुर। जिले में स्कूल जाने वाले प्रत्येक बच्चे की यूनिक आईडी बनाई जाएगी। यूनिक आईडी बनने से कोई भी किसी दूसरे स्कूल में फर्जी नामांकन कराकर सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा सकेंगे। यूूनिक आईडी के आधार पर इंटरमीडिएट तक आसानी से प्रवेश ले सकेंगे। जो छात्र किसी भी वजह से स्कूलों को छोड़ देते हैं, उनकी ट्रेकिंग भी की जा सकेगी।
बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा विभाग अपने यहां शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों की यूनिक आईडी बनाएंगे। विद्यालयों में बच्चों के फर्जी नामांकन की शिकायतें लगातार आती रहती हैं। कभी निजी विद्यालय के बच्चों का नाम चढ़ाकर योजनाओं का लाभ हड़प लिया जाता है तो कभी अन्य तरीके से फर्जीवाड़ा होता है। सरकारी स्कूलों के साथ मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों व मदरसों में अक्सर छात्रों के फर्जी नामांकन की शिकायतें आती हैं। इन शिकायतों के मद्देनजर विभाग ने एक पोर्टल पर बच्चे की समग्र जानकारी इकट्ठा कर उनकी यूनिक आईडी बनाने की कवायद शुरू की है।
यूनिक आईडी बनने से इससे न सिर्फ हर बच्चे का रिकार्ड विभाग के पास होगा, बल्कि विद्यालय में उपस्थिति से लेकर पढ़ाई से जुड़ी दैनिक गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने बच्चों का डाटा यू-डाइस पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। जिले के सरकारी सहायता प्राप्त मदरसा, समाज कल्याण व मान्यता प्राप्त विद्यालयों में यह सुविधा जल्द लागू की जाएगी।