रामपुर। आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए कुछ दिन में आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। अभी तक आवेदक एक वार्ड के ही स्कूलों का चयन करते थे। इस बार अभिभावकों को अपने वार्ड या गांव के नजदीकी दस स्कूलों के चयन का विकल्प दिया जाएगा।
आरटीई के तहत पहले इस योजना में चयन होने के बाद बच्चों को काफी दूर तक का स्कूल मिलता था, जिसमें बच्चों को आने जाने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। बच्चे को पास के ही दस स्कूलों में चयन विकल्प मिलने से अभिभावकों को काफी हद तक राहत मिलेगी। आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों का दाखिला दिलाया जाता है। इसमें पढ़ाई से लेकर किताबों का खर्च भी सरकार उठाती है। अभिभावकों को कोर्स, ड्रेस, बैग के अलावा स्टेशनरी खरीदने के लिए हर साल आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है। इतना ही नहीं स्कूल संचालकों को भी निश्चित शुल्क देती है। बीएसए ने बताया कि योजना में पात्र पाए जाने के बाद भी यदि कोई स्कूल संचालक बच्चे का प्रवेश नहीं लेता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। योजना को लेकर इस बार कई तरह के बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इस योजना का लाभ मिल सके। जिले के 758 निजी स्कूलों में छह हजार बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। अभिभावक अपने वार्ड और गांव के आसपास के 10 विद्यालयों का विकल्प दे सकते हैं।
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जिले में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश दिलाया जा सके, इसके लिए विभाग की ओर से पूरी कोशिश की जा रही है। योजना में पात्र पाए जाने के बाद भी यदि कोई स्कूल बच्चे का प्रवेश नहीं लेता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
- कल्पना देवी, बीएसए