रामपुर। यूक्रेन के शहर खारकीव से बस के जरिये निकलकर रामपुर का मुदित राजपूत 23 घंटे का सफर करने के बाद अब लवीव पहुंच गया है। वहां उन्हें दो दिन के बाद एक बर्गर खाने को दिया गया। इसके बाद वह रोमानिया बॉर्डर के लिए रवाना होंगे। वहीं, शजा उस्मान को होटल से स्वदेश लौटने के लिए एयरपोर्ट ले जाया गया है, जबकि हंगरी में फंसे आशीष को अब भी कोई फ्लाइट नहीं मिल सकी है।
रफत कॉलोनी निवासी मुदित राजपूत एमबीबीएस करने के लिए यूक्रेन गए थे। यह उनका पहला साल ही था। वह खारकीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी के छात्र हैं। उनके पिता प्रेम सिंह ने बताया कि उनकी बेटे से बात हुई तो बेटे ने बताया कि वह शाम को चार बजे यूक्रेन के लवीव शहर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि दो दिन से उन्हें खाने में कुछ नहीं मिला है। लवीव आने के बाद उन्हें महज एक बर्गर खाने को मिला। इसके बाद वह किसी दूूसरे वाहन से रोमानिया बॉर्डर के लिए रवाना होंगे। संभवतया रात में किसी समय रोमानिया बॉर्डर तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, रामपुर की शजा उस्मान तीसरे दिन पोलैंड में रहीं। हालांकि, शाम को करीब चार बजे वह स्वदेश लौटने के लिए पोलैंड में नजदीकी एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गईं। उन्होंने अपनी मां समीना नादिर को बताया कि उन्हें किसी भी वक्त फ्लाइट मिल सकती है। जबकि, आशीष हंगरी में हैं।