रामपुर। यूक्रेन के खारकीव में फंसी रामपुर की शजा उस्मान आखिरकार तमाम जद्दोजहद के बीच यूक्रेन बॉर्डर से पोलैंड में प्रवेश कर चुकी हैं। अब उन्हें भारत आने के लिए फ्लाइट का इंतजार है। जबकि, आशीष दूसरे दिन भी हंगरी में ही फंसे हैं। उन्हें अब तक कोई फ्लाइट नहीं मिल सकी है।
अठभैयान घेर सैफुद्दीन निवासी शजा उस्मान नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी खारकीव से एमबीबीएस कर रही हैं। उनकी मां समीना नादिर ने बताया कि बृहस्पतिवार को उनकी बेटी से बात हुई थी। शजा ने बताया कि उन्हें पोलैंड में एंट्री मिल गई है और अब उन्हें किसी होटल में ठहराया गया है। शजा को टैक्सी ड्राइवर ने यूक्रेन-पोलैंड की सीमा से तीन किलोमीटर पहले ही छोड़ दिया था। वहां से शजा पैदल आईं। उनकी सहपाठी उंजिला किसी तरह से लेकर पहुंची। वहीं, साईं विहार के आशीष कुमार बुधवार को हंगरी पहुंच गए थे। उनके पिता नेकपाल ने बताया कि दूसरे दिन भी उनका पुत्र हंगरी में ही है। उसकी फ्लाइट थी, लेकिन फ्लाइट किन्हीं कारणों से करीब 13 घंटे लेट हो गई। उन्होंने उम्मीद जताई कि शुक्रवार तक वह रामपुर आ सकते हैं। जिला अस्पताल कॉलोनी निवासी सौरभ कुमार भी पोलैंड में हैं।