11 केवी की लाइन पर गिरा पेड़, करंट लगने से दो की मौत
केसरपुर गांव में हुआ पेड़ काटते समय हुआ हादसा, दो मजदूर घायल,पुलिस ने मृतक के पिता की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ दर्ज की रिपोर्ट
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। शाहबाद क्षेत्र में पेड़ काटते समय पेड़ बराबर से गुजर रही 11 केवी की बिजली लाइन पर गिर गया। हादसे में बराबर के खेत में काम कर रहे दो लोगों की करंट लगने से मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इससे हड़कंप मच गया। आसपास के खेतों में काम करने वाले और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने दोनों मृतकों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिए। जबकि, घायलों को सीएचसी में भर्ती करा दिया। बाद में पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
शाहबाद थानाक्षेत्र के ग्राम केसरपुर निवासी किसान सिपट्टर सिंह ने अपने खेत में लगे पापुलर के पेड़ काटने का ठेका ग्राम बदे की मडैयान निवासी इकबाल दिया था। इसी की मेड़ के बराबर में बालकराम प्रजापति का खेत है। जिसे ठेके पर भीतरगांव निवासी प्रताप सिंह को दिया है। शुक्रवार को प्रताप सिंह के पुत्र हरपाल, मजदूर कमलवीर, राजकुमार, सुरेश खेत में काम कर रहे थे। इस बीच सुबह दस बजे लकड़ी ठेकेदार इकबाल ने लेबर से पेड़ कटवाने शुरू कर दिए। एक पेड़ बराबर से गुजर रही ट्यूबवेल की 11 केवी की बिजली लाइन पर गिर गया। जिससे बिजली लाइन टूटकर नीचे गिर गई। उस वक्त सप्लाई चालू थी। लाइन गिरते ही नीचे काम कर रहे हरपाल, कमलवीर, सुरेश और राजकुमार करंट की चपेट में आने से झुलस गए। इनमें हरपाल (35) और कमलवीर (22) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, सुरेश और राजकुमार घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए शाहबाद सीएचसी में भर्ती कराया। वहीं, दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। बाद में पुलिस ने हरपाल के पिता प्रताप सिंह की तहरीर के आधार पर इकबाल, सिपट्टर सिंह और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इंस्पेक्टर संजय तोमर ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोट
-लकड़ी काटनी थी, तो पहले विभाग को जानकारी देनी चाहिए थी। लेकिन, ऐसा नहीं किया गया। यह हादसा पूरी तरह खेत स्वामी और लकड़ी ठेकेदार की गलती से हुआ है। इसमें विभाग की कोई गलती नहीं है। हमें जैसे ही जानकारी मिली, तो लाइन को बंद कर दिया था और लाइन ठीक कराने के लिए कर्मचारियों को लगा दिया था। -महेंद्र सिंह, उपखंड अधिकारी, शाहबाद।