मिलक (रामपुर)। थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन नौकरी दिलाने के नाम पर देशभर के बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार सुबह खुटिया गांव के पास से बरेली निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से सात मोबाइल फोन, नौ एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक, सिम कार्ड और डायरी बरामद की है।
पुलिस ने खुटिया गांव के निकट दो संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अपनी पहचान जिला बरेली के थाना शीशगढ़ के ग्राम गुलड़िया निवासी विकास गंगवार तथा थाना शीशगढ़ के ग्राम बीसलपुर निवासी राजीव के रूप में बताई।
एसपी सोमेंद्र मीणा ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे फर्जी वेबसाइटों के जरिए बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देते थे। सबसे पहले अभ्यर्थियों से उनका बायोडाटा मंगवाया जाता था। इसके बाद फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से फर्जी इंटरव्यू लिया जाता था। नौकरी पक्की होने का भरोसा देकर दस्तावेज सत्यापन, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर बैंक खातों में रकम जमा करा ली जाती थी। पैसा मिलने के बाद आरोपी संपर्क तोड़ देते थे।
पुलिस ने विकास गंगवार के कब्जे से दो मोबाइल फोन, चार एटीएम कार्ड, एक बैंक पासबुक और एक चेकबुक बरामद की है। वहीं, राजीव के कब्जे से पांच मोबाइल फोन, पांच एटीएम कार्ड, एक वीआई कंपनी का सिम कार्ड और एक डायरी बरामद हुई है।
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विभिन्न राज्यों से राष्ट्रीय साइबर अपराध समन्वय पोर्टल पर पहले से कई शिकायतें दर्ज हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। साथ ही उनके बैंक खातों, लेनदेन और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
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कॅरिअर प्लेसमेंट वेबसाइट के जरिए करते थे ठगी
रामपुर। एसपी सोमेंद्र मीणा ने बताया कि आरोपी कॅरिअर प्लेसमेंट वेबसाइट के जरिए ठगी करते थे। इस वेबसाइट पर भर्ती के विज्ञापन जारी कर ऑनलाइन आवेदन लिए जाते थे। इसके बाद अभ्यर्थियों का फर्जी साक्षात्कार लिया जाता था और प्रमाणपत्रों के सत्यापन के नाम पर उनके खातों में रुपये जमा कराए जाते थे। उन्होंने बताया कि इस मामले में राष्ट्रीय साइबर अपराध समन्वय पोर्टल पर भी शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। संवाद