यतीमखाना बस्ती के लोगों के आशियाने और तोपखाना इलाके में लोगों की दुकानें क्या टूटीं, उनके दिल भी टूट गए। पीड़ित मलबा देखकर सदमे और डिप्रेशन का शिकार हो गए हैं। सदमे में आई एक बुजुर्ग महिला ने शुक्रवार की रात दम तोड़ दिया। उधर, तोपखाना प्रकरण में भी दुकान टूटने से एक दुकानदार की मौत की वजह भी परिजन सदमा लगना बता रहे हैं। इन मौतों के बाद मातम पसरा है।
यतीमखाने के लिए प्रस्तावित वक्फ की जमीन पर कब्जा करने वालों के आशियाने प्रशासन ने तुड़वा दिए थे। करीब 36 लोग बेघर हो गए थे। पुलिस ने इस दौरान लोगों से खूब ज्यादती की थी। लोग विरोध करने का साहस तक नहीं कर पाए थे। पुलिस ने इस दौरान कई लोगों के खिलाफ मुकदमे भी लिखे और कई पर निरोधात्मक कार्रवाई भी की थी। मलबे में तब्दील हो चुके मकानों को बचाने के लिए यूं तो इन लोगों ने खूब संघर्ष किया था, लेकिन आखिरी वक्त में भी वे अपने आशियाने को नहीं बचा सके थे। पुलिस की इस ज्यादती से परेशान लोग इधर-उधर भटक रहे थे।
इसी में से एक बुजुर्ग शहजादी भी शामिल थीं। 90 साल की शहजादी ने बीती रात दम तोड़ दिया। परिजनों के मुताबित हालात से वह परेशान थीं। कांग्रेस नेता के साथ मिलकर उन्होंने अपनी फरियाद डीएम के सामने भी की थी। उसके बेटे जाकिर ने बीते दिन कोर्ट में परिवाद भी दायर किया था। शहजादी की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया है। परिवार के लोगों को रोकर बुरा हाल है। शनिवार की दोपहर में शहजादी का दफन भी कर दिया गया।
पिछले दिनों तोपखाना गेट के पास स्थित एक दुकान तोड़े जाने से आहत दुकानदार मौलाना अब्दुल मुहीद (60) की भी मौत हो गई है। पिछले दिनों उसकी दुकान तोड़ी गई थी और फिर उसके मकान का रास्ता भी बंद कर दिया गया था। तब से वह सदमे में हैं। मौत के बाद उसके परिवार में भी कोहराम मचा हुआ है। परिवार के लोगों का कहना है कि घटना के बाद से मौलाना परेशान थे।