कस्बे क्षेत्र के गांव बैरूआ में हुई तीन मौतों से सारे गांव में गम का माहौल छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा है।
बैरुआ गांव निवासी पचास वर्षीय मुजफ्फर पिछले कुछ ही दिनों से बुखार से पीड़ित चल रहा था। परिजनों ने बताया कि बुधवार की सुबह अचानक तबियत खराब हो गई। उसके बाद परिवार के लोग उन्हें डाक्टर के यहां लेकर गए। जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मुजफ्फर की मौत की खबर सुनकर भाई मुनव्वर की 19 साल की पुत्री फरहाना अपने चाचा की मौत होने पर उन्हें देखने के लिए गयी तो अचानक उसे भी हार्ट अटैक पड़ गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। एक ही परिवार में हुई दो मौतों से घर में कोहराम मच गया। उसके बाद तीसरा हादसा भी गांव बैरूआ निवासी शाहिद हसन के यहां हुआ।
बताया गया कि करीब चार दिन पहले शहिद हसन गांव के कुछ लोगों के साथ मजदूरी करने के लिए रामनगर गया था। लोगों ने बताया कि मंगलवार की सुबह जब शाहिद नदी घाट पर काम कर रहा था। तभी अचानक रेत की ढांग उसके ऊपर गिर गई और उसके नीचे दब गया। रास्ते में ले जाते समय मौत हो गई।